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चापानल लगाने की योजना सिर्फ आइवाश

रांची नगर निगम द्वारा लगाये जाने वाले चापानल से पानी नहीं हवा निकलेगी। निगम वाटर बोर्ड द्वारा सिर्फ नाम के लिए चापानल लगाया जा रहा है। वर्तमान में जल स्तर नीचे जाने के कारण राजधानी के अधिकांश क्षेत्रों में कम से कम 210 से 220 फीट पर पानी मिल रहा है, जबकि बोर्ड सिर्फ 180 फीट की गहरायी पर ही चापानल लगाने जा रहा है। बोर्ड का यह आइवाश सिर्फ इस योजना के नाम पर अधिकारियों की जेब भरने के लिए है। वाटर बोर्ड द्वारा शहर के विभिन्न मुहल्लों में 236 चापानल लगाया जाना है। इस योजना की लागत 86 लाख रुपये है। प्रत्येक चापानल लगाने में लगभग 38000 रुपये खर्च किये जायेंगे। सरकार ने बोर्ड को राशि भेज दी है। बोर्ड द्वारा नये चापानल लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। जल्द ही टेंडर आवंटित किया जायेगा। वैसे भीषण गर्मी पड़ने के कारण राजधानी के ज्यादातर इलाकों का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। वाटर बोर्ड ने शहर के कई इलाकों को ड्राई जोन घोषित किया है। इनमें हटिया, धुर्वा, रातू रोड, बरियातू आदि शामिल हैं। यदि चापानल की गहरायी 200 फीट से अधिक नहीं की गयी, तो प्यासे लोगों को इस योजना का कोई लाभ नहीं मिलेगा, हां अधिकारियों की जेब जरूर भर जायेगी।

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