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रवड़ी की तरह बंटा इंक्रीमेंट

बिरसा कृषि विवि ने अपने शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों को रवड़ी की तरह इंक्रीमेंट बांटा। यह नियमविरुद्ध था। जांच के क्रम में एजी ने इसे पकड़ा। विवि से स्पष्टीकरण भी मांगा गया।ड्ढr पूर्व वीसी डॉ एनएन पांडे ने अपने कार्यकाल में यह कारनामा किया। एक्सट्रा इंक्रीमेंट पाने वालों में एकमात्र विवि प्राध्यापक डॉ नरश प्रसाद हैं। इसके अलावा सहायकों में श्रीमती पुष्पा लकड़ा, इरशाद अहमद, दीपिका बोस, कैलाश राय और अमरंद्र वर्मा हैं। पीए शंकर राम साहू, फोटोग्राफर धर्मेद्र रावल और ड्राइवर छोटे लाल भी हैं। एजी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि विवि के परिनियम और अधिनियम में एक्सट्रा इंक्रीमेंट देने का कोई प्रावधान नहीं है। दिया गया इंक्रीमेंट अवैध है। बताया जाता है कि मामला उाागर होने के बाद इसकी कटौती करने की बात भी हो रही है।ड्ढr आइसीएआर स्टाफ को पेंशनड्ढr प्रावधान नहीं रहने के बाद भी बिरसा कृषि विवि ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की योजना में बहाल वैज्ञानिकों को पेंशन का लाभ दिया है। इसमें डॉ आरके भगत, डॉ डीके सिंह, डॉ ए राफे, स्व. डॉ जीपी साहा एवं डॉ एनके प्रसाद शामिल हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों में कर्मियों को भी जीपीएफ दिये जाने को एजी ने गलत बताया है। ं

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