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चादयू के इस्तीफे, लालू का दांव

महाराष्ट्र में बिहारियों पर हो रहे हिंसक हमले से क्षुब्ध जदयू के सभी लोकसभा सदस्यों ने शुक्रवार को लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सोमनाथ चटर्जी के बीमार हो जाने के कारण सांसदों जार्ज फर्नाडीस, प्रभुनाथ सिंह, राजीव रंजन सिंह ललन, कैलाश बैठा और मीना सिंह ने लोकसभा के महासचिव को अपना इस्तीफा सौंपा। सांसदों ने लोकसभाध्यक्ष को संबोधित चार पृष्ठों का ज्ञापन भी सौंपा जिसमें पूरी घटना और बिहार में हुई उसकी प्रतिक्रिया का विस्तार से जिक्र है। जदयू सांसदों ने कहा है कि अपनी पीड़ित, अपमानित और क्षुब्ध जनता की भावनाओं के साथ खड़े रहने के अपने दायित्व बोध के कारण उन्होंने लोकसभा सदस्यता त्यागने का निर्णय लिया है। महाराष्ट्र में गैर मराठियों पर लगातार हमले हो रहे हैं, उनकी हत्याएं हो रही हैं और केन्द्र सरकार चुप है।ड्ढr ड्ढr हिन्दीभाषियों को जानवरों की मार पीटकर भगाया जा रहा है, लेकिन कहीं कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अबतक तीन-चार लोगों की मौत भी हो चुकी है। 27 अक्तूबर को पटना के छात्र राहुल राज को पुलिस ने मार दिया। बिहार के मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से मुम्बई पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया था। वह आरोप पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर के सार्वजनिक बयान से प्रमाणित हो गया, जिसमें कहा गया कि उसे दो फीट की दूरी से गोली मारी गई। विडम्बना देखिए, जिस दिन राहुल की हत्या हुई उसी दिन महाराष्ट्र सरकार राज ठाकर को जेड प्लस की सुरक्षा प्रदान कर देती है। राहुल प्रकरण को इस सुरक्षा का आधार बनाया जाता है। इससे यह भी साबित होता है कि दो वर्षो से महाराष्ट्र में गैर मराठियों के खिलाफ चलाए जा रहे हिंसक अभियान को महाराष्ट्र सरकार और वहां की पुलिस प्रशासन का पूरा साथ है। ड्ढr यह ड्रामेबाजी है:लालूड्ढr नई दिल्ली (प्रेट्र)। महाराष्ट्र में बिहारियों पर हमले को लेकर जदयू के सांसदों द्वारा शुक्रवार को लोकसभा से इस्तीफा देने के साथ ही सूबे की राजनीति फिर गरमा गई है। रल मंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जदयू सांसदों के इस्तीफे को ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा कि वह भी अपने पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं बशर्ते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य के सभी जदयू विधायक व विधान पार्षद भी इस्तीफा सौंपें। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल लोकसभा से ही त्यागपत्र क्यों? जदयू के सभी सांसदों, एमएलए और एमएलसी को क्रमश: राज्यसभा, विधानसभा व विधान परिषद से इस्तीफा देना चाहिए। रेल मंत्री ने कहा कि राजद के सभी सांसद, एमएलए और एमएलसी भी ऐसा करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू ने बिहार के नेताओं में दरार पैदा की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला लिया गया था कि महाराष्ट्र के मुद्दे पर सभी दल मिलकर संघर्ष करंगे और इसी के अनुरूप एक सर्वदलीय शिष्टमंडल प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह से भी मिला था। जदयू लोजपा, कांग्रेस, के साथ-साथ अन्य दल भी इस मुद्दे पर एक थे।ं

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