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चाीवन शैली में बदलाव से कम होगा कैंसर

समय रहते कैंसर पर रोक लगाने के प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो अगले दशक में यह देश की एक बहुत बड़ी आबादी को अपनी चपेट में ले लेगा। इसलिए आम लोगों को इस बीमारी की भयावहता के बार में जागरूक करने की आवश्यकता है। ये बातें महावीर कैंसर संस्थान के निदेशक डा. जे के सिंह ने शुक्रवार को विश्व कैंसर जागरूकता दिवस के मौके पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान और इलाज का दायित्व डाक्टरों और पारा मेडिकल स्टॉफ पर है। डा. सिंह ने कहा कि जीवन शैली में बदलाव लाकर कैंसर के मरीाों की संख्या को कम किया जा सकता है।ड्ढr ड्ढr सेमिनार में उन्होंने कहा कि डाक्टरों को कैंसर के इलाज की नवीनतम जानकारी डाक्टरों को उपलब्ध कराना आवश्यक है। ताकि लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सके। चिकित्सकों और स्वयंसेवी संस्थाओं पर लोगों को जागरूक करने की जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि बिहार में कैंसर के मरीाों की संख्या को देखते हुए यहां इसके इलाज की और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। सेमिनार में डा. सुबोध कुमार सिन्हा, डा. मनीषा सिंह व डा. वीरन्द्र कुमार समेत अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर संस्थान में डीएवी के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। जिसमें बच्चों ने अपने अभिनय के माध्यम से दिखाया कि कैंसर जानलेवा नहीं है और इसका इलाज संभव है। बच्चों के सहा अभिनय और संदेश को वहां बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने जमकर सराहा। विश्व कैंसर जागरूकता दिवस के मौके संस्थान में भर्ती मरीाों के बीच फूल भेंट किये गये।

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