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श्रीलंका दौरे पर आएंगे ब्रिटेन व फ्रांस के विदेश मंत्री

ब्रिटेन और फ्रांस के विदेश मंत्री बुधवार को उत्तरी श्रीलंका के शरणार्थी शिविरों का दौरा करेंगे जबकि श्रीलंकाई अधिकारियों का कहना है कि सेना तमिल विद्रोहियों के इलाके में फंसे नागरिकों को मुक्त कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलीबैंड और फ्रांस के विदेश मंत्री बर्नार्ड कचनर वावूनिया के शरणार्थी शिविरों का दौरा करने से पहले श्रीलंका के विदेश मंत्री रोहिता बोगलागामा, राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से मुलाकात करेंगे। स्वीडन के विदेश मंत्री कार्ल ब्लिड्ट भी यूरोपीय विदेश मंत्रियों के साथ श्रीलंका आने वाले थे लेकिन उनका कहना है कि श्रीलंका सरकार ने उन्हें वीजा नहीं दिया। जबकि बोगलागामा ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा है कि ब्लिड्ट ने वीजा के लिए आवेदन ही नहीं किया था। ब्रिटिश और फ्रांसीसी विदेश मंत्रियों की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब श्रीलंकाई सेना मुल्लइतिवू इलाके में फंसे करीब 50,000 नागरिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। दो ही दिन पहले सरकार ने लिट्टे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में भारी हथियारों का इस्तेमाल रोकने की घोषणा की थी ताकि वहां फंसे नागरिकों को बाहर निकलने का मौका मिल सके। लिट्टे विद्रोही और नागरिक अब सिर्फ छह किलोमीटर के इलाके में हैं। नागरिकों को भोजन और दवाइयों की घोर कित का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि गत 2 अप्रैल से वहां सहायता सामग्री की कोई खेप नहीं पहुंची। सेना का कहना है कि वह विद्रोहियों को कुचलने के अभियान के आखिरी दौर में पहुंच गई है।

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  • Web Title: श्रीलंका दौरे पर आएंगे ब्रिटेन, फ्रांस के विदेशमंत्री