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जवानों ने एक घंटे ट्रेन को रोके रखा

सीआरपीएफ के जवानों ने शनिवार की रात 3288 साउथ बिहार एक्सप्रेस को दानापुर स्टेशन पर एक घंटे तक रोके रखा। ट्रेन अपने समय से रवाना हुई। पर जवानों ने चेन खींच कर ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद एक बोगी के यात्रियों को जबरन नीचे उतार दिया और जनरल बोगी पर कब्जा जमा लिया। घटना स्थल पर पहुंचे जीआरपी व आरपीएफ के जवान मूकदर्शक बने थे। रलपुलिस के अनुसार करीब 100 की संख्या में आए जवान चुनावी डय़ूटी पर जा रहे थे। एक दिन पूर्व शुक्रवार को भी राजेंद्रनगर टर्मिनल पर इसी ट्रेन की एक जनरल बोगी पर सीआरपीएफ के जवानों कब्जा जमा लिया था। इस बीच ट्रेन आधे घंटे तक टर्मिनल पर खड़ी रही थी।ड्ढr ड्ढr नया सत्र सोमवार सेड्ढr पटना (हि.प्र.)। पटना वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज में नया सत्र सोमवार से शुरू होगा। प्राचार्य डा. मुनव्वर जहां ने बताया कि कुलपति के पटना से बाहर रहने के कारण इस नए सत्र के उद्घाटन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। अब एक सामान्य कार्यक्रम का आयोजन कर नया सत्र शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्धारित सीटों पर नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।ड्ढr ड्ढr अब डीलर ही करंगे वाहनों का निबंधनड्ढr पटना (हि.प्र.)। मध्य प्रदेश की पैटर्न पर राज्य में अब वाहनों का निबंधन डीलर ही करंगे। इसकी शुरुआत सबसे पहले पटना जिला परिवहन कार्यालय से ही की जाएगी। परिवहन विभाग के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार विभाग वाहन मालिकों के लिए ऐसी व्यवस्था करने जा रही है ताकि गाड़ियों का निबंधन डीलर ही कर सकें। पटना जिले में यह योजना पायलट परियोजना के तहत शुरू की जाएगी। वाहनों का टैक्स भी ऑनलाइन जमा होगा। पहले यह योजना पटना जिले में शुरू होगी उसके बाद अन्य जिलों में इसे लागू किया जाएगा। यानी जैसे-जैसे डीटीओ कार्यालय का कम्प्यूटरीकरण होते जाएगा वैसे-वैसे डीलरों के माध्यम से निबंधन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राष्ट्रीय अधिवेशन शुरूड्ढr पटना (हि.प्र.)। यूनिवर्सल प्राउटिस्ट स्टूडेन्ट्स का राष्ट्रीय अधिवेशन शनिवार को पाटलिपुत्र कॉलोनी में शुरू हुआ। इसका उद्घाटन प्राउटिस्ट यूनिवर्सल के सचिव जनरल आचार्य निर्मेद्यानंद अवधूत ने किया। इस अवसर पर जीवन दर्शन, सामाजिक मानसिकता व नैतिकता विषय पर विचार व्यक्त करते हुए मुख्य प्रचारक विमलानंद अवधूत ने कहा कि मानव में चार प्रकार की भावनाएं पाई जाती हैं और उसी आधार पर लोग अपने चिंतन को कार्य रूप देते हैं। ये चार प्रकार की भावनाएं जड़ केन्द्रित भावना, स्वार्थ केन्द्रित भावना, भावजड़ता केन्द्रित भावना एवं ईश्वर केन्द्रित भावना हैं। इन्हीं भावनाओं के कारण नैतिकता की परिभाषाएं भी अलग-अलग हो जाती हैं। समारोह में आचार्य प्रियतोषानंद अवधूत, आचार्य कृपानंद अवधूत, आचार्य गुप्तेश्वरनाथ, आचार्य रणधीरदेव ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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