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चांद की कक्षा में पहुंचा चन्द्रयान

अंतरिक्ष में भारत को उस समय एक बहुत बड़ी कामयाबी मिल गई जब चन्द्रयान-1 चन्द्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने इसकी पुष्टि की। चन्द्रमा की कक्षा में प्रवेश चन्द्रयान मिशन का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इसरो के प्रवक्ता एस सतीश ने बताया कि चन्द्रमा की कक्षा में यान के प्रवेश की प्रक्रिया भारतीय समयानुसार शाम 4.50 बजे शुरू हुई। प्रवेश की प्रक्रिया 816 सेकेंड तक चली। इस प्रक्रिया के दौरान चन्द्रयान के 440 न्यूटन लिक्िवड इंजन को करीब ढाई मिनट तक दागा गया। यान अब चांद के गुरुत्व के दायर में पहुंच गया है। प्रवक्ता ने बताया कि यान को चांद के बाहर 7502 गुणा 500 किलोमीटर के एलिप्टिकल कक्षा में रखा गया है। चन्द्रयान को अब धीर-धीर चांद की सतह के नजदीक ले जाया जाएगा और सतह से 100 किलोमीटर की दूरी पर रखा जाएगा। यान के चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंच जाने के बाद इसरो प्रमुख जी माधवन नायर ने चैन की सांस ली और कहा कि यह इस मिशन का सबसे अहम चरण था। बेहद खुश दिख रहे नायर ने कहा कि आखिरकार हमने इसे कर ही दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि 20 मिनट के लिए हमार दिलों की धड़कन रुक गई है। चन्द्रयान-1 को 22 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित किया गया था। इससे पहले इसरो के प्रवक्ता एस सतीश ने बताया था कि चंद्रमा की कक्षा में यान के प्रवेश की क्रिया शाम पांच बजे शुरू होगी और करीब 800 सेकंड तक चलेगी। इस अभियान के पूरा होन के बाद यान चंद्रमा की दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पहुंच जाएगा।

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