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जब आपस में उलझ गये एनोस-स्टीफन

उप मुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी और ग्रामीण विकास मंत्री एनोस एक्का के बीच का शीतयुद्ध अभी ठंडा नहीं पड़ा है। यह सात नवंबर को कैबिनेट के दौरान उस समय प्रत्यक्ष युद्ध में तब्दील हो गया, जब दोनों आपस में उलझ गये। बात तू-तड़ाक तक पहुंच गयी। फिर किसी तरह अन्य मंत्रियों ने मामला शांत कराया। स्टीफन भी स्थिति बिगड़ते देख थोड़ा विनम्र हो गये। वे खुद यह कहते हुए एनोस को कैबिनेट कक्ष से हाथ पकड़ते हुए सीएम कक्ष में ले गये कि तुम गुस्सा गये। पर वहां भी सांसद फुरकान अंसारी के समक्ष बहुत देर तक गरमा-गरम बहस होती ही चली गयी। तब जाकर किसी प्रकार मामला शांत हुआ।ड्ढr सूत्रों के अनुसार एनोस काफी दिनों से प्रखंड और अनुमंडलों में बननेवाले जनोपयोगी भवन को लेकर परशान हैं। पूर्व सीएम मधु कोड़ा के समय में यह फाइल काफी दिनों तक लटकी रही। पर सीएम पद से हटने के कुछ दिन पूर्व कोड़ा ने सब कुछ समझने के बाद फाइल पर अपनी स्वीकृति दे दी। लेकिन स्वीकृति के बाद जब उस पर कार्यान्वयन के लिए फाइल तत्कालीन विकास आयुक्त एके सिंह के पास गयी तो वह उस पर कुछ दिनों तक बैठ गये। तब तक कोड़ा बदल गये और नये विकास आयुक्त बने एसके चौधरी ने फाइल को पुनर्विचार के लिए भेज दिया। सूत्र बताते हैं कि सीएम बनने के बाद इसको लेकर विरोध स्वरूप एनोस एक दिन शिबू सोरन के पास गये। वहां पर स्टीफन मरांडी पहले से बैठे थे। बातचीत जसे ही शुरू हुई कि स्टीफन ने यह कह डाला कि तुम तो केवल सिमडेगा के विकास में ही लगा है। एनोस इस पर कुछ गरम हो गये और कहने लगे कि आप को अपने क्षेत्र का विकास करने से कौन रोक रहा है। आपसी बातचीत उस दिन भी गरम हो गयी और एनोस एक्का की परशानी दूर नहीं हुई।ड्ढr फिर शुक्रवार को कैबिनेट में सिमडेगा में बने नये प्रखंड के उद्घाटन कार्यक्रम को अंतिम समय में सीएम द्वारा स्थगित कर दिये जाने पर एनोस फिर नाराज थे। उन्होंने उस दिन मुख्यमंत्री से कहना शुरू किया कि वह ग्रामीण विकास मंत्री हैं, उनके जिले में नये प्रखंड का निर्माण हुआ है फिर अंतिम समय में आपके द्वारा उद्घाटन कार्यक्रम को स्थगित करना अच्छा नहीं है। इस वक्त फिर स्टीफन मरांडी विधायक नियेल तिर्की का पक्ष लेने लगे। इससे एनोस अंदर से गुस्सा हो ही रहे थे कि स्टीफन के मुंह से निकल गया कि तुमको सेंस नहीं है। फिर क्या था- एनोस स्टीफन पर बिफर उठे। कहते चले गये-आप अपने नाम के आगे प्रोफेसर जोड़ लिये हैं तो आपको ज्यादा सेंस हो गया है। क्या हम दूसर रास्ते से विधायक बने हैं और आप किसी दूसर रास्ते से। इस क्रम में दोनों के बीच काफी गरमा-गरम बहस हुई। दोनों तू-तड़ाक पर भी उतर आये। फिर स्टीफन ही एनोस का हाथ पकड़ कर सीएम कक्ष में ले गये, जहां जाकर मामला शांत हुआ।

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