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इतालवी जहाज पर फजीहत के बाद केंद्र का रुख बदला

इतालवी जहाज पर फजीहत के बाद केंद्र का रुख बदला

केंद्र सरकार ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल हरीश रावल के उच्चतम न्यायालय में दिये इस बयान से खुद को अलग कर लिया कि भारत का उस इतालवी जहाज को अपने कब्जे में में लेने का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है, जिस पर से दो नौसैनिकों ने गोली मारकर दो भारतीयों की हत्या कर दी थी। केंद्र ने कहा कि यह घटना भारतीय समुद्री सीमा में हुई।

जहाजरानी मंत्री जी के वासन ने चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि सरकार का स्पष्ट मत है कि यह घटना भारतीय समुद्री सीमा में हुई। रावल ने कहा था कि जहाज एनरिका को कब्जे में नहीं रखा जा सकता है, क्योंकि जब उसके दो नौसैनिकों ने कथित रूप से 15 फरवरी को गोली मारकर दो मछुआरों की हत्या कर दी थी, तब वह भारतीय जल सीमा में नहीं था। इस पर वासन ने कहा कि यह उनकी निजी राय हो सकती है।

शीर्ष अदालत में दिए गए एसजी के इस बयान की केरल में कड़ी प्रतिक्रिया हुई है। पीड़ितों, लैटिन कैथोलिक चर्च और मछुआरा बिरादरी ने गहरा आश्चर्य और दुख प्रकट किया है।

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