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गर्मी की छुट्टियों से पहले स्कूल दें दाखिला

गर्मी की छुट्टियों से पहले स्कूल दें दाखिला

दिल्ली सरकार से पंजीकृत 1186 निजी स्कूलों में ईडब्लूएस कोटे की 9835 सीटें खाली, हाईकोर्ट ने दिए शीघ्र भरने के आदेश

कम आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के हजारों लोग अपने बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए परेशान कभी सरकारी दफ्तर तो कभी निजी स्कूलों का चक्कर काट रहे हैं जबकि हजारों सीटें खाली पड़ी हैं। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और सरकार को गर्मी की छुट्टियां शुरू होने से पहले ईडब्ल्यूएस कोटे की खाली पड़ी करीब दस हजार सीटों को भरने का आदेश दिया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए.के. सीकरी व न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की पीठ ने शुक्रवार को यह आदेश शिक्षा निदेशालय की ओर से पेश रिपोर्ट के बाद दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार से पंजीकृत 1186 निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे की 9835 सीटें खाली हैं। इसके बाद पीठ ने शिक्षा निदेशालय को तत्काल प्रभाव से खाली सीटों पर ईडब्ल्यूएस कोटे के ही बच्चों को दाखिला देने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि खाली सीटों पर अब दाखिला उप शिक्षा निदेशक अपनी निगरानी में देंगे। इसमें स्कूल की कोई भूमिका नहीं होगी। हाईकोर्ट ने यह आदेश अधिवक्ता अशोक अग्रवाल की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षा अधिकार अधिनियम को सही से लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें आनकानी नहीं चलेगी। अधिवक्ता अग्रवाल ने कहा था कि दाखिला प्रक्रिया समाप्त होने के बावजूद निजी स्कूलों में हजारों सीटें खाली है और सरकार उसे भरने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। इस मामले में हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार से निजी स्कूलों में खाली पड़ी ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी थी।

याचिकाकर्ता अग्रवाल ने कहा था कि आरटीई एक्ट के तहत ईडब्ल्यूएस कोटे की सीटें खाली रहती है तो उसे भरने की जिम्मेदारी शिक्षा निदेशक की है। इसलिए सरकार को यह आदेश दिए जाएं कि निजी स्कूलों में खाली सीटों पर कम आय वर्ग के बच्चों को दाखिला दे।

आनाकानी नहीं चलेगी
उप शिक्षा निदेशक अपनी निगरानी में दिलाएंगे खाली सीटों पर दाखिला
दाखिले की प्रक्रिया में निजी स्कूलों की नहीं होगी कोई भूमिका

अनाथ बच्चे भी ईडब्ल्यूएस कोटे में हो सकते हैं शामिल
अनाथ बच्चों को अब ईडब्ल्यूएस कोटा की श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग को इस बारे में एक महीने के भीतर निर्णय लेने को कहा है। हालांकि सरकार ने इस पर अपनी सहमति जाहिर कर दी है।

आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर दाखिला कम आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के बच्चों को देने का प्रावधान है।

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