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'कोटला में खेलना सपने के सच होने जैसा'

'कोटला में खेलना सपने के सच होने जैसा'

फिरोजशाह कोटला मैदान पर गुरुवार को दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए दूसरी बार खेलते हुए शानदार नाबाद शतक लगाने वाले इंग्लिश बल्लेबाज केविन पीटरसन ने कहा कि खचाखच भरे कोटला में मैच खेलना और शतक लगाना किसी सपने के सच होने जैसा है।

पीटरसन ने डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ 64 गेंदों पर नौ छक्कों और छह चौकों की मदद से नाबाद 103 रन बनाकर डेयरडेविल्स को पांच विकेट से शानदार जीत दिलाई। उन्हें इस पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

वीरेंद्र सहवाग के विकेट पर रहते हुए डेयरडेविल्स के लगभग 40 हजार प्रशंसक 'वीरू-वीरू' का नारा लगा रहे थे, लेकिन चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर सहवाग के आउट होने के साथ प्रशंसकों ने 'केपी.केपी' नारा रहना शुरू कर दिया।

भारत में खेलते हुए इतने अपार प्रेम और समर्थन की आस पीटरसन ने कभी नहीं की होगी। वह इस हौसलाअफजाई पर इतने खुश हुए कि उन्होंने इस खुशी में ज्यां पॉल डय़ूमिनी के एक ओवर में लगातार तीन छक्के उड़ाए और फिर अमित मिश्रा के एक ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया।

पीटरसन ने छक्का लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई। मैच के बाद पीटरसन ने कहा कि एक क्रिकेट खिलाड़ी होने के नाते वह इसी तरह की पारी और समर्थन के सपने देखा करते थे।

पीटरसन ने कहा, ''यह पल वाकई शानदार है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। आप एक अंग्रेज खिलाड़ी के तौर पर आते हैं और हजारों लोगों से जोरदार हौसलाअफजाई पाते हैं। मैदान के हर कोने से आ रही 'केपी.केपी' की आवाज बहुत खास थी। इसी प्यार और समर्थन की बदौलत मैं अपना पहला ट्वेंटी-20 शतक लगा सका।''

पीटरसन इस सत्र में डेयरडेविल्स के लिए तीसरा मैच खेल रहे थे। श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच हुई टेस्ट श्रृंखला की समाप्ति के  बाद डेयरडेविल्स से जुड़े पीटरसन ने कोटला में ही सुपरकिंग्स के साथ 10 अप्रैल को नाबाद 43 रन बनाए थे।

मुम्बई इंडियंस के खिलाफ वह नौ रन पर आउट हो गए थे लेकिन कोटला में पीटरसन ने दर्शकों का जमकर मनोरंजन किया और ट्वेंटी-20 मैचों में अपना श्रेष्ठ स्कोर हासिल किया।

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