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रिजर्व बैंक ने ब्याज दरें घटाईं, कर्ज होगा सस्ता

रिजर्व बैंक ने ब्याज दरें घटाईं, कर्ज होगा सस्ता

रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में ढील देते हुए उनमें आधा फीसदी की कटौती की। केंद्रीय बैंक के इस कदम से अब घर, कार और कारोबार आदि के लिए वाणिज्यिक बैंकों से लोन लेना सस्ता हो सकता है।

रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिए अल्ककालिक नकदी सहायता पर ब्याज (रेपो दर) आधा प्रतिशत घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया है। रेपो वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक अन्य बैंकों को एकाध दिन के लिए नकदी देता है। इसके अनुसार ही रिवर्स रेपो और बैंकों के लिए सूक्षम उधार की स्थायी सुविधा पर ब्याज आधा आधा प्रतिशत घटा दी है।

रिजर्व बैंक ने अपनी बैंक दर (दीर्घकालिक ब्याज दर) भी 9.5 प्रतिशत से घटा कर 9 प्रतिशत कर दिया है। रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में बाजार के अनुमानों से अधिक की कमी की है। अधिकतर अर्थशास्त्रियों और बैंकों को रेपो में 0.25 प्रतिशत की कमी किए जाने की उम्मीद थी।

रिजर्व बैंक ने कल जारी अपनी वृहद अर्थव्यवस्था और विकास के बारे में अपनी रपट के बारे में कहा था कि वह वर्ष 2012-13 की अपनी मौद्रिक नीति में आर्थिक वृद्धि में गिरावट को थामने पर ध्यान देगा। आर्थिक वृद्धि दर में कमी और इसके साथ ही महंगाई की दर के नीचे आने के मददेनजर केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने आज मौद्रिक नीति की सालाना समीक्षा पेश करते हुए कहा कि ब्याज दरों में कटौती का मकसद आर्थिक वृद्धि दर को एक बार फिर से 9 प्रतिशत के स्तर पर ले जाना है। यह वृद्धि दर 2008 में वैश्विक वित्तीय संकट का दौर होने से पहले अर्थव्यवस्था हासिल कर रही थी।

गवर्नर ने कहा कि रेपो दरों में कटौती वृद्धि के आकलन के आधार पर की गई है, जो संकट पूर्व के स्तर से नीचे चली गई है। इससे महंगाई पर अंकुश पाने में मदद मिल रही है। रिजर्व बैंक ने 2012-13 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 7.13 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। 2011-12 में इसके 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

जनवरी में नकद आरक्षित अनुपात में दो लगातार कटौती के बाद हालांकि रिजर्व बैंक ने इसे 4.75 प्रतिशत पर कायम रखा है।

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