DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

व्रत और त्योहार/पंचांग (मंगलवार, 17 अप्रैल 2012)

पंचक चालू है। वरुथिनी एकादशी व्रत वैष्णो एवं विधवाओं का। वज्जुलि महाद्वादशी। सूर्य उत्तरायण। सूर्य दक्षिण गोल। वसंत ऋतु। सायं 3 बजे से सायं 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकालम्।
17 अप्रैल मंगलवार, 28 चैत्र (सौर) शक 1934, वैशाख मास 4 प्रविष्टे 2069, 24 जमादि उल अव्वल सन् हिजरी 1433, वैशाख कृष्ण द्वादशी अहोरात्र शतमिषा नक्षत्र मध्याह्न 2 बजकर 9 मिनट तक तदनंतर पूर्वा भाद्रपदा नक्षत्र, शुक्ल (शुक्र) योग प्रात: 7 बजकर 30 मिनट तक उपरांत ब्रह्म योग, कौलव करण, चन्द्रमा कुंभ राशि में (दिन-रात)।
पं. वेणीमाधव गोस्वामी

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:व्रत और त्योहार/पंचांग (मंगलवार, 17 अप्रैल 2012)