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मुम्बई के विकास में बिहारियों का अमिट योगदान: गुप्ता

आद्री के सदस्य सचिव शैवाल गुप्ता ने कहा कि देश के पूर्व रक्षा मंत्री वाईबी चौहान मॉडल के मराठी उपराष्ट्रीयता की जरूरत है न कि किसी और मॉडल की। मुम्बई के सम्पूर्ण विकास के क्रम में उद्योग, व्यापार, शिक्षा के साथ ही श्रम संसाधन की उपलब्धता में बिहारियों का अमिट योगदान है। इसे कमतर नहीं आंका जा सकता है।

वहां प्रारंभ से ही मुम्बई बेस्ड, गुजराती बेस्ड और मराठा बेस्ड पहचान के ऊपर राष्ट्रीयता की पहचान हावी रही है। शुरू से ही वहां की इकोनॉमी पर गुजरातियों का कंट्रोल रहा है। मुम्बई आर्थिक, व्यावसायिक और सांस्कृतिक कार्यो के साथ ही ट्रेड यूनियन मूवमेंट का सेन्टर भी था। पर पहली बार सडक़ पर दौड़ाकर ट्रेड यूनियन से जुड़े सीपीआई के नेता की हत्या वहीं की गई।

मुम्बई की मजबूत ट्रेड यूनियनों को कमजोर करने के लिए जायंट किलर के नाम से प्रसिद्ध तत्कालीन कांग्रेसी नेता एसके पाटिल ने शिवसेना मॉडल की उपराष्ट्रीयता को बढ़ावा देने में पहल की। मुम्बई की कॉस्मोपोलिटन पहचान को कमजोर करने में उनकी यह पहल कुछ हद तक कामयाब भी रही।

दूसरी तरफ मराठी उपराष्ट्रीयता के देश स्तर पर महत्व का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि चीन से करारी हार के बाद वीके कृष्ण मेनन की जगह पर वाईबी चौहान को ही रक्षा मंत्री का पद सौंपा गया। बाद में वे उपप्रधानमंत्री भी बने। अभी गणेश चतुर्थी के साथ ही मुम्बई में बड़े पैमाने पर छठ पूजा भी मनायी जाती है। बिना वैमनश्यता के दोनों पर्व में बिहारी और मराठी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में वहां बिहार दिवस समारोह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यात्रा हो रही है।

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