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नक्सलियों ने इतालवी नागरिक को किया रिहा

नक्सलियों ने इतालवी नागरिक को किया रिहा

ओडिशा में नक्सलियों ने बंधक बनाए इटली के नागरिक पॉउलो बोसुस्को को छोड़ दिया है। बोसुस्को 14 मार्च से नक्सलियों के कब्जे में थे। हालांकि, पॉउलो की रिहाई की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

ग़ौरतलब है कि नक्सलियों ने बुधवार को कहा था कि राज्य सरकार द्वारा उनकी मांगें पूरी होने के बाद ही वह इटली के नागरिक को रिहा करेंगे। पिछले कुछ दिनों से पॉउलो की रिहाई के लिए कोशिशें काफी तेज़ थीं और नक्सलियों से बातचीत में प्रगति भी दिख रही थी, लेकिन नक्सलियों के अलग गुट की चुंगल में अब भी राज्य के एक विधायक हैं।

इससे पहले सुनील के नाम से मशहूर नक्सली नेता सब्यसाची पांडा ने स्थानीय टेलीविजन चैनलों को भेजे गए अपने हाल के ऑडियो संदेश में कहा कि उसके गिरोह को सरकार और मध्यस्थों के बीच हुए समझौते की प्रति नहीं मिली है, लेकिन उसे इसमें शामिल बातों की जानकारी है।

पांडा ने कहा कि समझौते में नक्सलियों की ओर से रखी गई 13 मांगों पर चर्चा हुई। उसने नक्सली गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार पांच कैदियों को रिहा करने के सरकार की पहल का स्वागत किया, हालांकि उसने सात कैदियों को रिहा कराने की मांग की थी।

इस बीच, राज्य में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक झीना हिकाका के बारे में अनिश्चितता अब भी बरकरार है. वह 24 मार्च से ही नक्सलियों के एक अलग गिरोह की कैद में हैं। इस गिरोह ने अपनी मांगें पूरी होने तक हिकाका को छोड़ने से इंकार किया है।

इस नक्सली समूह के प्रवक्ता जगदबंधु ने पत्रकारों को तेलुगू में भेजे गए अपने बयान में कहा है कि हम हिकाका को तब तक रिहा नहीं करेंगे जब तक कि सरकार हमारे सभी 30 लोगों को छोड़ नहीं देती।

उल्लेखनीय है कि प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी (भाकपा-माओवादी) की ओडिशा इकाई ने कंधमाल जिले से पॉउलो को अगवा किया जबकि हिकाका का अपहरण आंध्र-ओडिशा सीमा विशेष जोनल कमेटी ने कोरापुट जिले से किया।

हिकाका की रिहाई के लिए राज्य सरकार आठ नक्सलियों सहित 23 कैदियों को छोड़ने के लिए तैयार है लेकिन नक्सली 30 लोगों को रिहाई की मांग कर रहे हैं। गृह सचिव यू.एन. बेहरा ने कहा कि सरकार शेष लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों का परीक्षण कर रही है और इस बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोओवादियों ने 54 वर्षीय बोसुस्का को गजपति और गंजम जिले से लगते कंधमाल जिले के आदिवासी बहुल वन क्षेत्र में अपने मध्यस्थ दंडपाणि मोहंती और कुछ पत्रकारों को सौंपा।
    
पुरी के इतालवी टूर आपरेटर बोसुस्को का इटली के ही 61 वर्षीय पर्यटक कोलेनगेलो के साथ गत 14 मार्च को कंधमाल जिले के दारिंगबाड़ी क्षेत्र से उस समय अपहरण कर लिया गया था जब वे वहां पर ट्रैकिंग कर रहे थे।
    
बोसुस्को को मोहंती और मीडियाकर्मियों के साथ भुवनेश्वर लाया गया। मोहंती और बी डी शर्मा ने बोसुस्को की रिहायी के बारे में ओडिशा सरकार के तीन प्रतिनिधियों से बात की। बोसुस्को ने कहा कि वह ओडिशा से बहुत प्यार करते हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि मैं अब रिहा हूं। मैं थक गया हूं और मुझे आराम की जरुरत है।
    
बोसुस्को की रिहाई ओडिशा स्टेट आर्गेनाइसिंग कमेटी के शीर्ष नेता सब्यासाची पांडा की पत्नी सुभाश्री पांडा उर्फ मिलि पांडा की वर्ष 2004 के मुठभेड़ मामले में गुनुर की अदालत की ओर से बरी किये जाने और जेल से रिहा किये जाने के दो दिन बाद हुई है। 

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