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मछुआरों को मारने में हुआ बेरेटा राइफल का इस्तेमाल

मछुआरों को मारने में हुआ बेरेटा राइफल का इस्तेमाल

अपराध विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट में कहा गया है कि जहाज एनरिका लेक्सी पर सवार इतालवी नौसैनिकों ने भारतीय मछुआरों को मारने के लिए बेरेटा राइफलों का इस्तेमाल किया था।
  
यह घटना केरल तट पर 15 फरवरी को हुई थी जब इतालवी नौसैनिकों ने जलदस्यु होने के कथित संदेह में दो भारतीय मछुआरों को गोली मार दी थी। पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट कोल्लम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश की जा चुकी है और कोच्चि के पुलिस आयुक्त एमआर अजित कुमार के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) को इसकी एक प्रति हासिल हो गई है।
  
इसने कहा कि दो बेरेटा एआरएक्स 160 राइफलों का इस्तेमाल किया गया जो इटली की सैन मैरिको रेजीमेंट में सेवा में इस्तेमाल की जाती हैं। हथियारों से छेड़छाड़ नहीं की गई और मछुआरों को मारने के लिए इस्तेमाल किए गए हथियारों की प्रयोगशाला ने पहचान कर ली।
  
पुलिस द्वारा जब्त किए गए 15 हथियारों में छह बेरेटा राइफलें और दो बेल्जियन एफएन मिनिमी (मिनी मशीन गन) भी थीं। पुलिस ने इसके अतिरिक्त जहाज में रखीं 10 हजार गोलियां भी बरामद की थीं।
  
रिपोर्ट में कहा गया कि प्रयोगशाला में अपराध के लिए इस्तेमाल की गई दोनों राइफलों की पहचान हो गई। इसमें कहा गया कि हम मृतकों के शरीर में मिली गोलियों के परीक्षण के आधार पर बंदूकों की पहचान कर सके। मछुआरों को मारने के लिए किसी स्नाइपर बंदूक का इस्तेमाल नहीं किया गया। हम जब्त सामग्री से किसी छेड़छाड़ का पता नहीं लगा सके।
  
गोली चलाने वाले इटली के दो नौसैनिक लातोर मैसिमिलानो और सलवातोर गिरोन फिलहाल तिरुवनंतपुरम की सेंट्रल जेल में बंद हैं।

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  • Web Title:मछुआरों को मारने में हुआ बेरेटा राइफल का इस्तेमाल