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कानून लागू न हुआ तो 50 लाख ढुकेगा

। मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने कहा है कि सीएनटी एक्ट लागू नहीं होगा, तो 50 लाख आदमी रांची में ढुकेगा। राज्य में बेची गयी नहीं, बल्कि आदिवासियों की लूटी गयी जमीन वापस होगी। इसके लिए कानून बना हुआ है। वह अपना काम करगा, लेकिन जमीन बेचने और खरीदनेवालों पर समाज का भी अंकुश होना चाहिए। मुख्यमंत्री मंगलवार को मोरहाबादी में झारखंड प्रदेश मांझी परगनैत, मुंडा-मानकी, डोकलो सोहोर, महतो-पड़हा महासमिति द्वारा आयोजित सीएनटी एक्ट शताब्दी समारोह सह रैली में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, सांसद बागुन सुंब्रुई, देवकुमार धान, डॉ करमा उरांव सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। गुरुाी ने कहा कि भाजपा सीएनटी एक्ट को खत्म करना चाहती थी। प्रथम सीएम बाबूलाल मरांडी ने इसकी पृष्ठभूमि तैयार कर ली थी। सीएनटी एक्ट आदिवासी अस्मिता से जुड़ा है। इसमें संशोधन का मतलब है आदिवासियों की समाप्ति। उन्होंने कहा कि बेटी-बहू और जमीन-ाायदाद की रक्षा खुद करनी होगी। आप ढीला रहियेगा, तो कानून का करेगा। हड़िया के चक्कर में सेठ-मारवाड़ी से जमीन बेच दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में भी विभाजन है। यही कारण है कि इनकी जमीन लूटी जा रही है। राजधानी रांची में जमीन की सर्वाधिक लूट हुई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। जिनके साथ अन्याय हुआ है, उन्हें कानून के तहत न्याय दिलायेंगे। जो अधिकारी काम नहीं करगा, उसे कुर्सी पर रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को स्वरोगार के लिए गाय, मुर्गी, बकरी, मछली, सूकर आदि दिया जायेगा। उन्होंने मुंडा, मानकी, पाहन को एक हाार रुपये सम्मान राशि देने की बात कही। हड़िया पीने-बेचने वालों को सामाजिक दंड देने की भी बात कही।

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