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कटियार के बाद भाजपा किसे देगी हार का पुरस्कार!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर विधान परिषद की एकमात्र सीट के लिए अब 'एक अनार सौ बीमार' वाली स्थिति पैदा हो गई है।

विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के सामने एक और बड़ा संकट पैदा हो गया है। भाजपा के तीन विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल पांच मई को समाप्त हो रहा है। इनमें भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के महाराष्ट्र मामलों के प्रभारी रमापति राम त्रिपाठी, पार्टी की प्रदेश इकाई के कोषाध्यक्ष अशोक धवन और पार्टी के सामाजिक समीकरण के अनुकूल बैठने वाले रामनरेश रावत हैं। लेकिन भाजपा विधान परिषद में एक ही उम्मीदवार भेज सकती है, क्योंकि विधानसभा में उसके सदस्यों की कुल संख्या केवल 47 है।

अब भाजपा दो तरफा समस्याओं से घिर गई है। सवाल यह है कि क्या पार्टी इन तीनों में से ही किसी एक को अगले कार्यकाल के लिए चुनेगी या फिर प्रदेश के अन्य बडे़ नेताओं के नामों पर विचार किया जाएगा?

तीन वर्तमान सदस्यों के भीतर किसी एक को चुनने को लेकर भी पेंच है। त्रिपाठी ने हाल ही में विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाई थी, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। धवन कभी चुनाव नहीं लड़े। रावत के साथ उनकी पत्नी ने भी हाल का विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। लिहाजा, इन तीनों के बीच किसी एक का चयन करना काफी मुश्किल होगा।

भाजपा की दूसरी समस्या यह है कि प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही पथरदेवा विधानसभा से, पार्टी के पिछडे़ वर्ग के नेता ओमप्रकाश सिंह चुनार से और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष केशरीनाथ त्रिपाठी इलाहाबाद दक्षिणी सीट से चुनाव हार गए हैं। पार्टी के सामने समस्या इन तीन नेताओं में से किसी एक को विधान परिषद भेजने की भी है।

इससे पहले, राज्यसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा के सामने ऐसी समस्या आई थी, लेकिन बाजी विनय कटियार के हाथ लगी थी। यह बात अलग है कि पार्टी में रसूख रखने वाले कटियार को राज्यसभा का सदस्य बनाए जाने के बाद कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी थी। उनका कहना था कि पार्टी ने कटियार को हार का पुरस्कार दिया है।

इस सम्बंध में भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, ''पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति उम्मीदवारों के नाम को अंतिम रूप देगी।''

गौरतलब है कि विधान परिषद के 13 सदस्यों का कार्यकाल पांच मई को समाप्त हो रहा है। विधान परिषद का चुनाव 26 अप्रैल को होगा।

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