DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

30 लाख शहरी गरीबों को मिलेगा बसेरा

30 लाख शहरी गरीबों को मिलेगा बसेरा

सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) ने सरकार को 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17) में सभी शहरों में गरीबों के लिए बसेरा बनाने की सलाह दी है।

एनएसी ने हाल में सरकार को भेजे पत्र में कहा, ‘बेघर लोगों के आश्रय तथा सामाजिक सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए समुचित नीति बनाने की जरूरत है।’

वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक देश में बेघरों की संख्या लगभग 19.4 लाख थी। इसमें से 11.6 लाख गांवों के तथा 7.7 लाख लोग शहरों के थे। सर्वोच्च न्यायलय ने नौ जनवरी 2012 के अपने आदेश में कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के तहत सम्मानपूर्ण बसेरा एक आवश्यक घटक है।

एनएसी ने कहा है कि 12वीं योजना में हर एक लाख की आबादी पर सभी सुविधाओं से सुसज्जित 100 लोगों के लिए एक बसेरा या 50 लोगों के लिए दो बसेरा होने चाहिए। एनएसी ने कहा है कि इस अवधि में एक लाख से अधिक आबादी वाले सभी 499 शहरों में तथा कुल बेघर आबादी के 15 फीसदी को यह सुविधा मिलनी चाहिए, जो शहरी आबादी का एक फीसदी है।

सर्वोच्च न्यायालय के मुताबिक इन बसेरों को 24 घंटे खुला रहना चाहिए तथा यहां बुनियादी सुविधाएं जैसे बिस्तर, बेडिंग, शौचालय, पेयजल, लॉकर, प्राथमिक चिकित्सा और मनोरंजन की सुविधाएं होनी चाहिए। यह मानते हुए कि शहरी गरीब पहचान पत्र के अभाव में विकास परियोजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं, एनएसी ने सलाह दी है कि सभी तरह के अधिकारों में बेघरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इन अधिकारों में हैं जन वितरण प्रणाली, समेकित बाल विकास सेवा, सरकारी विद्यालयों में दाखिला, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और राजीव आवास योजना।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:30 लाख शहरी गरीबों को मिलेगा बसेरा