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ओड़िशा में बंधक संकट गहराया

ओड़िशा में बंधक संकट गहराया

माओवादी समर्थित चासी मुलिया आदिवासी संघ (सीएमएएस) में विरोधाभासी विचारों के बीच बीजद विधायक झीना हिकाका की रिहाई को लेकर आज भी भ्रम की स्थिति बनी रही, जबकि इतालवी नागरिक के अपहरणकर्ताओं ने उन्हें रिहा करने के लिए अपना रुख सख्त कर दिया है।

2009 से फरार सीएमएएस के अध्यक्ष नचीका लिंगा ने कहा है कि यदि कुछ मांगों को स्वीकार किया जाता है तो आदिवासी संगठन वार्ता में शामिल हो जाएगा, हालांकि इससे जुड़े कुछ अन्य लोग इसके प्रति अनिच्छुक दिखे।
लिंगा ने हिकाका की रिहाई को लेकर वार्ता में शामिल होने के लिए मांगों को सूचीबद्ध करते हुए मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि उसके खिलाफ सभी मामले वापस ले लिए जाएं, जेल में बंद (सीएमएएस के) सभी लोगों को रिहा किया जाए और माओवादियों के खिलाफ अभियान स्थगित कर दिए जाएं।

लिंगा ने आरोप लगाया कि सीएमएएस के सदस्य झूठे आरोपों को लेकर लंबे समय से कोरापुट की जेल में कैद हैं। उसने कहा कि यदि मांगें मान ली जाती हैं तो सीएमएएस 37 वर्षीय विधायक की रिहाई के लिए मध्यस्थता करेगा।
 
गौरतलब है कि लक्ष्मीपुर के विधायक हिकाका को 24 मार्च को अगवा कर लिया गया था। उसने कहा कि मांगों को मान लिए जाने के बाद सरकार से वार्ता से पहले सीएमएएस इस मुद्दे पर नियामगिरि सुरक्षा परिषद, माली पर्वत सुरक्षा परिषद, नोका दोरा और कोंदा रेड्डी जैसे आदिवासी संगठनों से चर्चा करेगा।

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