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यूपी में हो सकती हैं और गिरफ्तारियां

मालेगांव धमाकों में कानपुर में गिरफ्तार सुधाकर द्विवेदी उर्फ स्वामी अमृतानंद उर्फ दयानंड पाण्डेय को गुरुवार को 16 नवंबर तक के लिए ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया। दूसरी तरफ, इस मामले के मुख्य आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित का गायब लैपटॉप भी मिल गया है। इससे जाँच एजेंसियों को कई अनसुलझे सवालों का जवाब मिल सकता है। अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मुंबई एटीएस बहुत जल्द लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, गोरखपुर और रायबरली से कुछ स्वामियों और उग्रपंथियों को हिरासत में लेने वाली है। एजेंसी के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मोहन कुलकर्णी के मुताबिक, मालेगांव धमाकों के करीब सार उलझे हुए धागे खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि वैसे, अभी हमारा फोकस सिर्फ मालेगांव धमाके हैं, पर इन धमाकों के चरित्र और प्रकृति को देखते हुए हैदराबाद, समझौता एक्सप्रेस व कुछ अन्य धमाकों की जांच भी मुंबई एटीएस बराबर कर रही है। कुलकर्णी के मुताबिक, मालेगांव धमाकों के षड्यंत्र में यूपी से अकेले सुधाकर द्विवेदी ही नहीं, कई दूसर लोग भी शामिल हैं। ये लोग अलग-अलग संगठनों से हैं। सियासत से जुड़े कुछ लोग भी इसमें शामिल हैं। इन लोगों को जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुधाकर द्विवेदी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। उधर, धमाकों के मुख्य आरोपियों में से एक लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित का गायब लैपटॉप भी मिल गया है। यह लैपटॉप पुरोहित की गिरफ्तारी के बाद से गायब बताया जा रहा था। इस बीच पता चला है कि स्वामी और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की गुप्त बैठक मध्य प्रदेश के भोपाल में हुई थी। बैठक मालेगांव धमाके से पहले 12 जुलाई को हुई थी जिसमें दोनों ने गुप्त मंत्रणा की थी। सूत्रों का कहना है कि पांडे से पूछताछ के बाद अगर किसी और व्यक्ित का नाम उाागर होता है तो उससे भी पूछताछ की जा सकती है।

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