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‘देशद्रोही’ : छोटी फिल्म, बड़ा बवाल

अपनी पहली फिल्म ‘देशद्रोही’ से बतौर नायक सुर्खियों में आए कमाल खां का कहना है, ‘यह फिल्म एकता की बात करती है, समाज को बांटने की नहीं। इसके प्रदर्शन के बाद राज ठाकरे भी बदलेंगे और उनकी पार्टी मनसे भी।’ लेकिन कमाल खां को इस बात का बेहद अफसोस है कि शुक्रवार को देश भर में रिलीज होने वाली ‘देशद्रोही’ महाराष्ट्र में नहीं देखी जा सकेगी। राज्य सरकार ने इसे बैन कर दिया है। कमाल खान और उनकी टीम इस फैसले को मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती देने जा रही है। उनका कहना है कि फिल्म को सेंसर बोर्ड पास कर चुका है, लिहाजा अब इसे दोबारा सेंसर करना गलत है। इस फिल्म का कथानक महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा पर आधारित है। महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि उसने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ही वैन का निर्णय लिया है। इस रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि राज्य में इस फिल्म से तनाव पैदा सकता है। कई भोजपुरी फिल्मों का निर्माण कर चुके कमाल खां बुधवार को ‘देशद्रोही ’ के प्रमोशन के सिलसिले में पटना में थे। उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कहा कि यह महज संयोग ही है कि इस फिल्म की कहानी राहुल राज प्रकरण से मेल खाती है, वरना वह तो इस पर पिछले साल से ही काम करते आ रहे थे। कमाल ने दावा किया कि मुंबई पुलिस के दर्जनों अधिकारियों ने इस फिल्म को देखा व पसंद किया है। रुड॥की (उत्तराखंड) के रहने वाले कमाल का अपना गारमेंट का व्यवसाय है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुंबई में फिल्म व्यवसाय करने के बावजूद उन्हें इस तरह की फिल्म बनाने के बाद कोई खौफ नहीं है। वह कहते हैं कि यह फिल्म मील का पत्थर साबित होगी। फिल्म की नायिका ग्रेसी सिंह भी पटना आई थीं। उन्होंने भी इस बात से इनकार किया कि ‘देशद्रोही’में काम करने के बाद उन्हें किसी तरह का डर लग रहा है या किसी ने उन्हें धमकी दी है। इस बीच, ‘देशद्रोही’ को बैन करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले का लोक जनशक्ित पार्टी के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि फिल्म ने सच्चाई सामने रखी है।

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