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नीतीश इन दिनों संपादक की भूमिका में

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों संपादक की भूमिका में हैं तो राजद की संपादकमंडली भी जी जान से काम में जुटी है। यह सब 24 नवम्बर की तैयारी को लेकर हो रहा है। मुख्यमंत्री उस दिन अपनी सरकार की तीन साल की उपलब्धियों पर रिपोर्ट कार्ड जारी करंगे। राजद उसी दिन सरकार की विफलताओं पर रिपोर्ट कार्ड जारी करगा। विभागों की उपलब्धियों का ब्योरा जुटा लिया गया है। इस काम में अफसर लगे हैं। स्क्रिप्ट लिखने की मूल जिम्मेवारी अफसरों की है। मगर अंतिम तौर पर रिपोर्ट का संपादन मुख्यमंत्री खुद कर रहे हैं। इसके चलते वे सिर्फ निहायत जरूरी किस्म के कार्यक्रमों में हिस्सा ले पा रहे हैं। 24 नवम्बर तक वे मुख्यमंत्री के बदले संपादक की भूमिका में ही अधिक रहेंगे। श्री कुमार चाहते हैं कि भाषा और तथ्य के स्तर पर कोई कसर नहीं रह जाए।ड्ढr ड्ढr इतना ही नही, रिपोर्ट कार्ड का कवर भी आकर्षक और संदेश देनेवाला हो। पिछले रिपोर्ट कार्ड का संपादन और कवर का चयन उन्होंने खुद किया था। श्री कुमार ने कहा-हम दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। यह उस समय भी रहेगा जब हम कुर्सी पर नहीं रहेंगे। इसलिए रिपोर्ट बनाने में अधिक सावधानी की जरूरत है। राजद की ओर से भी रिपोर्ट कार्ड की तैयारी जोरों पर है। इसे कोई एक आदमी नहीं लिख रहा है। इसके लिए संपादक मंडल का गठन किया गया है। प्रदेश राजद अध्यक्ष अब्दुलबारी सिद्दीकी, पूर्व मंत्री जगदानंद, रामचंद्र पूव्रे, शकील अहमद खान, सांसद रामकृपाल यादव, राष्ट्रीय महासचिव श्याम राक, विधान परिषद में दल के नेता डा. गुलाम गौस, प्रदेश महासचिव डा. निहोरा प्रसाद यादव और डा. रामवचन राय इसके सदस्य हैं। राजद की रिपोर्ट में कोसी की बाढ़, दलित उत्पीड़न, अकलियतों के साथ ठगी, दलितों में विभाजन, अफसरशाही जसे मुद्दों का जिक्र रहेगा। सिर्फ यह तय होना बाकी है कि रिपोर्ट कार्ड का विमोचन कौन करंगे।

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