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इनफ्लेटेबल नेल डालकर पहली बार जोड़ी गईं पैर की हड्डियां

बिहार में पहली बार दो मरीजों की पैर की हड्डी जोड़ने के लिए इनफ्लेटेबल नेल डाला गया। इसकी खासियत है कि सिर्फ एक छिद्र के द्वारा विशेष धातु से निर्मित नेल हड्डी में डाला जाता है। बाहर से उस नेल के अन्दर स्लाइन डाली जाती है जिससे नेल फैलकर हड्डी को सही आकार दे देता है। वरीय हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विश्वेन्द्र कुमार सिन्हा ने पटना हड्डी एवं रीढ़ रोग अस्पताल, कंकड़बाग में बक्सर जिले के 30 वर्षीय अनिल साह और नालंदा जिला के 14 वर्षीय कुमारी शोभा के पैर की हड्डियों में इनफ्लेटेबल नेल डालकर पहली बार ऐसी सर्जरी की यहां शुरुआत की।ड्ढr ड्ढr उन्होंने बताया कि यह विधि सरल और संक्रमण न होनेवाली है। इसमें मरीज के हड्डी में महज 30 मिनट में एक छोटी छेदकर नेल डाल दिया जाता है। ऑपरशन के बाद प्लास्टर की जगह सिर्फ हैडी प्लास्ट चिपका दिया जाता है। मरीज के खून का अधिक नुकसान नहीं होता है। इसके पूर्व में इन्टरलॉकिंग विधि से ऑपरशन करने पर हड्डी में कई स्थानों पर छेद किया जाता है। उसमें संक्रमण का अधिक खतरा रहता था। इस विधि से ऑपरशन के अगले दिन से मरीज चलने लगता है। दिन बाद मरीज दैनिक काम आसानी से करने लगता है। इस विधि से ऑपरशन में मरीज के समय की बचत होती है। साथ ही ऑपरशन में होनेवाले एक्स-र से कम मात्रा में रडिएशन लगता है। इन्टरलॉकिंग विधि से ऑपरशन में अधिक रडिएशन लगता है। उन्होंने बताया कि इनफ्लेटेबल नेल इजराइल में निर्मित होता है जिसका भारत में आयात किया जाता है।

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