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झामुमो के सामने खाता खोलने की चुनौती

चार राज्यों में हो रहे विस चुनाव को लेकर झारखंड में भी राजनीतिक हलके की नजर लगी है। भाजपा तथा कांग्रेस के लिए दूसर राज्यों में होने वाले चुनाव काफी अहम हैं। लेकिन झारखंड में यूपीए के सबसे बड़े घटक दल झामुमो के सामने अलग चुनौती है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा दिल्ली विस चुनाव में झामुमो किस्मत आजमा रहा है। छत्तीसगढ़ की 18, दिल्ली की 2 तथा मध्यप्रदेश की नौ सीटों पर मोरचा ने अपने उम्मीदवार उतार हैं। झारखंड छोड़ अभी तक उड़ीसा में झामुमो को जगह मिल पायी है। उड़ीसा में झामुमो के एक एमपी तथा चार विधायक हैं। दिल्ली में झामुमो के दो पार्षद हैं। पिछले विस चुनाव में झामुमो ने दिल्ली में तीन सीटों पर उम्मीदवार खड़ा किये थे, लेकिन जीत हासिल नहीं हो सकी। झारखंड में झामुमो के हाथ में सत्ता है। लिहाजा गुरुाी की कसक दूसर राज्यों में भी पांव फैलाने की है। इसी तरह पश्चिम बंगाल में झामुमो लोस तथा विस चुनाव में चुनाव लड़ता रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। छत्तीसगढ़ में झामुमो ने गोंडावाना पिपुल्स पार्टी तथा गोंडावाना डेमोक्रेटिक से कुछ सीटों पर तालमेल भी किया है।

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