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टॉस जीतता तो फील्डिंग करता : धोनी

सात वनडे मैचों की सिरीा में मिली शानदार शुरुआत से उत्साहित कप्तान धोनी ने कहा कि टॉस हारना शुभ रहा। अगर मैं टॉस जीता तो संभवत: मैं भी वही करता जो पीटरसन ने किया। सुबह की नमी और हल्की घास के कारण मैं भी पहले क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लेता। धोनी ने कहा कि सब उम्मीद कर रहे थे कि शुरुआती 35 से 40 मिनट तक पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी पर ऐसा नहीं हुआ। मैन ऑफ द मैच युवराज सिंह की प्रशंसा करते हुए धोनी ने कहा कि दर्द के बावजूद युवी ने आक्रामक पारी खेली और भारत को बड़ा स्कोर देने में महत्वूर्ण योगदान दिया। युवराज ने 138 रन की अविजित पारी खेली और इंग्लैंड के किसी भी गेंदबाज को नहीं छोड़ा। धोनी ने कहा कि सहवाग और गंभीर ने टीम को ठोस शुरुआत दी। रैना ने इसे आगे बढ़ाया और बाकी का काम युवराज सिंह ने किया। बल्लेबाजों ने आज, जसा प्रदर्शन किया इस स्थिति में विपक्षी टीम के पास करने के लिए कुछ नहीं होता। उधर दूसरी तरफ इंग्लैंड के कप्तान केविन पीटरसन ने कहा कि युवराज ने हमें फेल कर दिया। बल्लेबाजों को थोड़ा और प्रयास करना चाहिए था। निराश पीटरसन ने कहा कि जब युवराज, सहवाग और गंभीर जसे बल्लेबाज रन बना रहे हों तो अंत में आप यही कह सकते हैं कि शाबाश, आपने शानदार बल्लेबाजी की। राजकोट की पिच रनों से भरी थी। अगर आप चौके का प्रयास करते हैं तो उसमें थोड़ा और ताकत लगाकर छक्का बनाया जा सकता है। भारतीय खिलाड़ियों ने सुपर क्रिकेट खेली वे प्रशंसा और जीत के हकदार हैं। लेकिन पीटरसन ये कहने से भी नहीं चूके कि अभी छह मैच बाकी हैं और इंग्लैंड वापसी करगा। कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। युवराज ने कहा कि ये मेर वनडे कॅरिअर की सर्वश्रेष्ठ पारी है। पिछले कुछ महीने मेर लिए अच्छे नहीं रहे। श्रीलंका के खिलाफ मैं फार्म में नहीं था। इंग्लैंड के खिलाफ खेलने से पहले मैंने विचार किया कि अपनी कमियों को दूर करूं। और अपना 100 प्रतिशत अच्छा देने का प्रयास करूं। रैना ने मुझे भरपूर सहयोग दिया। वीरू और गंभीर ने ठोस शुरुआत दी। युवराज ने कहा कि इंदौर वनडे से पूर्व मैं पूरी तरह फिट हो जाऊँगा।

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