DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कैदियों की चिट्ठी पर जेल डाक्टर को नोटिस

भागलपुर जेल में एक कैदी की इलाज में लापरवाही बरते जाने से हुई मौत के मामले में पटना हाईकोर्ट ने जेल डॉक्टर नो नोटिस जारी है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूतिर जे.बी. कोशी तथा न्यायमूर्ति डा. रवि रंजन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। उल्लेखनीय है कि जेल के कुछ कैदियों ने मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र भेजकर भागलपुर के सेन्ट्रल जेल के डॉक्टर अशोक कुमार गौतम की शिकायत की थी। कैदियों ने पत्र में आरोप लगाया कि जेल डाक्टर की लापरवाही के कारण महेश प्रसाद नामक एक कैदी का इलाज समय पर नहीं हो सका जिसके कारण उसकी मौत जेल के अस्पताल में ही हो गई। कैदियों के पत्र को ही लोकहित याचिका (पीआईएल) मानकर अदालत ने सुनवाई की। अपर महाधिवक्ता जे.पी. कर्ण ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह मामला काफी गंभीर है इसलिए संबंधित जेल डाक्टर से जवाब तलब किया जाना चाहिए। इस पर अदालत ने जेल डाक्टर अशोक कुमार गौतम को नोटिस जारी करते हुए एक महीने के भीतर जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया।ड्ढr ड्ढr नामांकन रद्द करने के खिलाफ याचिका दायरड्ढr पटना (वि.सं.)। काराकाट संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी गोपाल निषाद ने अपना नामांकन पत्र रद्द किए जाने के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव में हुए खर्च का ब्यौरा नहीं दिए जाने को आधार बनाकर निर्वाची पदाधिकारी ने उनका नामांकन रद्द कर दिया जो गलत है। याचिकाकर्ता के वकील आर. गिरियोग ने बताया कि आर.पी. एक्ट की धारा 10ए के अनुसार एक महीने की निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव खर्च का ब्यौरा जमा नहीं करने वाले को तीन वर्षो तक चुनाव लड़ने पर पाबंदी है। इस मामले में वर्ष 2008 में यह पाबंदी समाप्त हो चुकी है। लेकिन निर्वाची पदाधिकारी ने इसे नजरअंदाज करते हुए श्री निषाद का नामांकन पत्र मनमाने ढंग से रद्द कर दिया जिसे पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कैदियों की चिट्ठी पर जेल डाक्टर को नोटिस