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टैक्स बढ़ाने का विरोध

नगर निगम के दुकानों का किराया 10 गुणा और होल्डिंग टैक्स में ढाई गुणा बढ़ोत्तरी करने के प्रस्ताव के खिलाफ फेडरशन चैंबर ने आंदोलन की घोषणा की है। शुक्रवार को चैंबर पदाधिकारियों ने बैठक कर निर्णय लिया कि अगर नगर निगम द्वारा इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो चैंबर के सभी सदस्य नगर निगम को टैक्स के साथ-साथ दुकानों का किराया देना बंद कर देंगे। ज्यादती की गयी, तो चैंबर आगे आयेगा और आंदोलन तेज करगा। शुक्रवार को चैंबर भवन में आयोजित बैठक में चैंबर अध्यक्ष मनोज नरडी ने कहा कि नगर निगम की आय बढ़े, इससे चैंबर सहमत है, लेकिन निगम को चाहिए कि वह सभी घरों से टैक्स ले। निगम उन्ही लोगों का दोहन करना चाहता है, जो ईमानदारी से टैक्स दे रहे हैं। वर्तमान में रांची में पांच लाख से अधिक घर हो गये हैं, जबकि निगम द्वारा मात्र 72 हाार मकानों को ही होल्डिंग टैक्स देने के लिए चिह्नित किया गया है। इनसे भी मात्र 30 प्रतिशत ही टैक्स की वसूली की जा रही है। सदस्यों ने कहा कि निगम कोई भी निर्णय लेने से पहले चैंबर और रांची की आम जनता के साथ बातचीत कर। इसके अलावा निगम अपना आय-व्यय का ब्योरा सार्वजनिक कर, जिससे पता चले कि रांची से निगम को कितना राजस्व मिल पा रहा है और लोगों पर कितनी राशि खर्च की जा रही है। सदस्यों ने कहा कि राज्य के अधिकारियों और नेताओं की सुख-सुविधा के लिए टैक्स नहीं दिया जायेगा। बैठक में उपस्थित रांची नगर निगम किरायेदार संघ के अध्यक्ष गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया ने कहा कि रांची में किरायेदार पुस्त दर पुस्त से किराया देते आ रहे हैं। अब तो किरायेदारों को मालिकना हक दे देना चाहिए। चैंबर के पूर्व अध्यक्ष केके पोद्दार, अजरुन प्रसाद जालान, अरुण बुधिया, उपाध्यक्ष अंचल किंगर, सचिव सुरशचंद्र अग्रवाल, किशोर मंत्री, सज्जन सर्राफ, आरडी सिंह, मुकुल तनेजा, प्रदीप राजगढ़िया, प्रतुल शाहदेव, सोनी मेहता सहित कई सदस्यों ने निगम के इस निर्णय का विरोध किया।

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