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प्राचार्य समेत चार पर प्राथमिकी दर्ज

बेड़ो के बारीडीह स्थित राजकीय आदिवासी आवासीय विद्यालय के प्राचार्य और हॉस्टल अधीक्षक समेत चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। स्कूल के प्राचार्य से लेकर पिउन तक सभी कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना की जांच के लिए विशेष दल ने अपना काम शुरू कर दिया है। इधर जहरीला दूध पीने से बीमार 21 स्कूली बच्चे अब भी जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। इनमें से 10 को बेहतर इलाज के लिए अपोलो भेजा गया है। इनमें अमन कच्छप, शिबू उरांव, मंगलदेव उरांव, धनेश्वर उरांव, रमन बेदिया, रोहित उरांव, निलेश उरांव, सुखदेव उरांव, मनोहर भगत, और दशरथ लकड़ा शामिल हैं। इनमें से चार गंभीर हैं।ड्ढr घटना की जांच शुरू, एफआइआर दर्जड्ढr स्कूल के प्राचार्य क्लेमेंट तिग्गा, हॉस्टल अधीक्षक योगेश्वर साहू और सोमा उरांव तथा एस नायक (दोनों कुक) के विरुद्ध बेड़ो थाना में मुकदमा (कांड संख्या 608) दर्ज किया गया है। ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर ने विश्वनाथ साहू के बयान पर दर्ज एफआइआर में आरोप लगाया है कि बेड़ो की घटना के लिए ये अधिकारी दोषी हैं। थानेदार शिवचंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।ड्ढr विशेष दल ने जांच शुरू कीड्ढr इधर सीएम के आदेश पर बने विशेष दल ने भी जांच शुरू कर दी है। दल में डीएसपी ज्योति उदय टेटे, इंस्पेक्टर सुनील कुमार जायसवाल, नागेश्वर सिंह और सब इंस्पेक्टर सुरंद्र प्रसाद शामिल हैं। दल ने 14 नवंबर को बेड़ों से दूध का नमूना लेकर उसे जांच के लिए फोरंसिक लेबोरटरी भेज दिया।ड्ढr प्राचार्य समेत सभी कर्मी निलंबितड्ढr इस बीच स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों के अलावा सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कल्याण विभाग के विशेष सचिव बीसी निगम ने यह आदेश जारी किया। नये प्राचार्य की नियुक्ित कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि घटना की जांच के लिए टीम बनायी गयी है। इसमें दो उपनिदेशक समेत पांच सदस्य रखे गये हैं।ड्ढr मृत बच्चों का बिसरा सुरक्षितड्ढr इधर जहरीला दूध पीने से मृत पांच बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम शुक्रवार को हुआ। उनका विसरा सुरक्षित रखा लिया गया है। इसकी फोरंसिक जांच करायी जायेगी। स्वास्थ्य मंत्री भानू प्रताप शाही और शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने उन्हें ढाढ़स बंधाया। पोस्टमार्टम के बाद बच्चों के शवों को उनके घरों तक भेजा गया। वहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।ड्ढr मुआवजे की मांग कर रहे थे ग्रामीणड्ढr घटना के विरोध में शुक्रवार को बेड़ो और आसपास के लोगों ने 11 घंटे तक गुमला रोड को जाम रखा। वे मार गये बच्चों के परिानों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े थे। रोड जाम करनेवालों को बीडीओ और सीओ मनाने में लगे थे। बाद में डीसी राजीव अरुण एक्का और कल्याण विभाग के विशेष सचिव बेड़ो पहुंचे। उनके आग्रह पर रोड जाम हटाया गया। डीसी ने मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए बातचीत का आश्वासन दिया। बाद में काफी देर से जाम हटा।

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