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हमले के अगले दिन ईरान भाग गया ईरानी हमलावर

हमले के अगले दिन ईरान भाग गया ईरानी हमलावर

पिछले महीने दिल्ली में इजरायली दूतावास के वाहन में हुए विस्फोट में कथित तौर पर शामिल ईरानी नागरिक होशंग अफशार बैंकॉक में अपने सहयोगियों का इंतजार करने के लिए मलेशिया में एक दिन बिताने के बाद तेहरान रवाना हो गया था।

मलेशिया के अधिकारियों द्वारा भेजी गयी जांच रिपोर्ट के अनुसार वह कुआलालंपुर पहुंचा और समझा जाता है कि उसने थाईलैंड की राजधानी बैंकाक में इसी तरह का हमला करने की साजिश रच रहे अपने सहयोगियों का इंतजार किया।

विदेशी अधिकारियों ने भारत के साथ जो जांच रिपोर्ट साझा की है, उसके मुताबिक बैंकॉक में साजिश विफल होने की खबरें जैसे ही टीवी पर आईं, अफशार 14 और 15 फरवरी के दरम्यान रात को तेहरान के लिए रवाना हो गया। दिल्ली में 13 फरवरी को विस्फोट हुआ था।

मलेशियाई पुलिस द्वारा कुआलालंपुर हवाईअड्डे से गिरफ्तार किये गये मसूद सेदाघतजादेह की फोनबुक के आधार पर बाहरी और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भारतीय पत्रकार सैय्यद मोहम्मद अहमद काजमी तक पहुंचे जहां से पूरी साजिश का खुलासा होना शुरू हुआ।

बैंकॉक ने जो जांच रिपोर्ट साझा की है, उसमें सेदाघतजादेह और दो अन्य हमलावरों सईद मुरादी तथा मोहम्मद खारजेई की संभवत: पट्टाया में कुछ महिला एस्कार्ट के साथ तस्वीर भी शामिल है। इनमें से एक महिला द्वारा उसके मोबाइल फोन से ली गयी तस्वीर में तीनों ईरानियों को पश्चिम एशिया के एक बार में दिखाया गया है जो हुक्कों से घिरा हुआ है।

बैंकॉक पुलिस ने एक महिला एस्कार्ट का बयान भी दर्ज किया और उसे पुलिस के साथ साझा किया। इसमें आरोप है कि खरजेई ने इसलिए उसकी मदद ली क्योंकि वह अच्छी तरह अंग्रेजी नहीं बोल पाता था।

भारत, मलेशिया और थाईलैंड में हुई जांच तथा दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज काजमी के बयान के आधार पर सूत्रों ने कहा कि नयी दिल्ली, बैंकॉक और जॉर्जिया में हमलों की साजिश 2009 से हुए ईरानी वैज्ञानिकों पर हमलों का बदला लेने के लिए रची गयी थी। वर्ष 2009 के बाद हमलों में चार ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मारे जा चुके हैं।

जनवरी 2010 में तेहरान में रिमोट संचालित विस्फोट में मसूद अली मोहम्मदी की मौत हो गयी थी, जिसके बाद 29 नवंबर, 2010 में कार बम हमले में माजिद शहरियारी मारे गये। उनकी ईरान की सबसे बड़ी परमाणु परियोजनाओं में से एक में अहम भूमिका थी।

जुलाई, 2011 में वैज्ञानिक डेरियश रिजाईनेजाद को पूर्वी तेहरान में बंदूकधारियों ने गोली मार दी। जिसके बाद मुस्तफा अहमदी रोशन की कार पर चुंबक बम लगाकर एक मोटरसाइकिल हमलावर ने विस्फोट को अंजाम दिया। दिल्ली में भी इसी तरह से हमले को अंजाम दिया गया जिसमें इजरायली राजनयिक ताल येशुआ गंभीर रूप से जख्मी हो गयीं।

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