DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कोहली की विराट पारी से भारत विजयी

कोहली की विराट पारी से भारत विजयी

भारत विराट कोहली (183 रन) के बेहतरीन शतक, सचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा के अर्धशतकों से एशिया कप टूर्नामेंट के हाई वोल्टेज लीग मैच में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को छह विकेट से शिकस्त देकर फाइनल की दौड़ में बरकरार है। वहीं पाकिस्तानी टीम फाइनल में पहुंच गई।

टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने सलामी बल्लेबाज मोहम्मद हफीज (105) और नसीर जमशेद (112) के शानदार शतकों तथा दोनों के बीच पहले विकेट के लिए रिकार्ड 224 रन की साझेदारी से छह विकेट पर 329 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

भारतीय टीम ने कोहली (148 गेंद में 22 चौके और एक छक्के से 183 रन) के 11वें वनडे शतक, तेंदुलकर (52) के साथ दूसरे विकेट के लिए उनकी 133 रन और रोहित शर्मा (68) के साथ तीसरे विकेट के लिए 172 रन की भागीदारी से 47.5 ओवर में चार विकेट पर 330 रन बनाकर छह विकेट से जीत दर्ज की।

हालांकि भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच मंगलवार को होने वाले अंतिम लीग मैच का इंतजार करना होगा जिससे फाइनल की दूसरी टीम तय हो जाएगी।

पिछले साल 50 ओवर के विश्व कप के सेमीफाइनल के बाद दोनों टीमों के बीच यह पहली भिड़ंत हैं जिसमें भारत ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह बनाकर ट्राफी जीती थी।

पाकिस्तान तीन मैच में श्रीलंका और बांग्लादेश पर जीत से और इस हार से नौ अंक लेकर तालिका में शीर्ष पर रहने से फाइनल में पहुंच गया है। पिछले मैच में बांग्लादेश से अप्रत्याशित उलटफेर का शिकार बनी भारतीय टीम काफी दबाव में थी और उन्हें फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए यह मैच जीतना जरूरी था और इस जीत से भारत आठ अंक लेकर दूसरे स्थान पर है। बांग्लादेश चार अंक लेकर तीसरे स्थान पर है जबकि श्रीलंका ने अभी खाता नहीं खोला है।

भारत ने 330 रन के स्कोर का पीछा कर लार्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ 2002 नेटवेस्ट कप फाइनल में 326 रन के स्कोर का पीछा करने के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को भी पीछे छोड़ दिया।

भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही, उसने पारी की दूसरी गेंद पर ही अपने सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (0) का विकेट गंवा दिया, लेकिन इसके बाद तेंदुलकर (52) और मैन ऑफ द मैच कोहली ने संभलकर बल्लेबाजी की और दोनों ने अर्धशतक पूरे करने साथ दूसरे विकेट के लिए 19.1 ओवर में 133 रन की अहम भागीदारी निभाई।

पाकिस्तान के खिलाफ तेंदुलकर का रिकार्ड हमेशा अच्छा रहा है और उन्होंने आज भी ऐसा ही प्रदर्शन किया। लेकिन सईद अजमल ने अपनी दूसरा गेंद से तेंदुलकर को चकमा दिया और पहली स्लिप में खड़े मिस्बाह उल हक ने अच्छा कैच लपककर भारतीय स्टार की पारी का अंत किया। उन्होंने 48 गेंद का सामना करते हुए अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया।

इस तरह भारत ने 133 रन पर दूसरा विकेट गंवाया और रोहित क्रीज पर उतरे जिन्हें अपनी काबिलियत साबित करने का अच्छा मौका मिला और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया। कोहली ने 30वें ओवर में मोहम्मद हफीज की गेंद पर एक रन लेकर 97 गेंद में 11 चौके की मदद से कैरियर का 11वां और पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला वनडे शतक जमाया।

तेंदुलकर के आउट होने के बाद रन गति काफी धीमी हो गई। 40 ओवर के बाद भारत को 60 गेंद में 83 रन चाहिए थे और कोहली ने 41वें ओवर में उमर गुल पर चौका और लांग ऑफ पर एक गगनचुंबी छक्का लगाकर इस ओवर में 16 रन जुटाए। अगले ही ओवर में उन्होंने वहाब रियाज पर लगातार तीन चौके जड़े।

 

इससे पहले, हफीज (105) और जमशेद (112) ने पहले विकेट के लिए रिकार्ड 224 रन की साझेदारी निभाकर इस स्कोर की नींव रखी जिसमें भारतीय आक्रमण पूरी पारी के दौरान कमजोर दिखा और शुरुआती हिस्से में खराब क्षेत्ररक्षण ने उनकी चिंता और बढ़ा दी।

भारत के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से यह सलामी भागीदारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले सईद अनवर और आमिर सोहेल ने 1996 में सिंगापुर में पहले विकेट के लिए 144 रन जोड़े थे। पाकिस्तानी कप्तान मिस्बाह उल हक ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया जिसे उसके सलामी बल्लेबाजों ने सही साबित किया और शानदार साझेदारी में कहीं भी कोई गलती नहीं की। उन्होंने कहीं भी बेकार के जोखिम नहीं उठाए और एक-दो रन बटोरते हुए बीच-बीच में चौका जड़कर स्कोर बढ़ाना जारी रखा।
 
हफीज ने प्रवीण कुमार के पहले ही ओर में स्क्वायर कट में चौका जड़ा। युवा जमशेद ने भी उनसे प्रेरणा लेते हुए तीसरे ओवर में प्रवीण के ओवर में तीन चौके जमाए। फिर पाकिस्तानी टीम ने लय पकड़ ली और मुड़कर नहीं देखा।
 
पाकिस्तान ने 10वें ओवर में 50 और 18वें ओवर में 100 रन पूरे किए। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने अपने सभी स्पिनरों (सभी ऑफ स्पिनर) आर अश्विन, सुरेश रैना और रोहित शर्मा को आजमाया। लेकिन उन्होंने भी काफी रन गंवाए।
 
जमशेद सचिन तेंदुलकर की गेंद समझ नहीं सके और उन्होंने थोड़ा जल्दी स्ट्रोक खेल दिया। गेंद तेजी से बाउंस होकर तेंदुलकर की हथेली में आई जिससे वह अपनी अंगुली चोटिल करा बैठे, इस तरह भारत ने यह मौका गंवा दिया तब जमशेद 69 रन पर थे।

इसके बाद बल्लेबाजों ने कोई जोखिम नहीं उठाए और आराम से बल्लेबाजी की। हफीज ने प्रवीण की गेंद पर मिड ऑफ पर एक रन लेकर अपना चौथा वनडे शतक जड़ा। उन्होंने अपने शतक में नौ चौके और एक छक्का लगाया। इसी 33वें ओवर में पाकिस्तान ने 200 रन पूरे किए।
 
पैंतीसवें ओवर में जमशेद ने अपना पहला वनडे शतक लगाया, जिसके लिए उन्होंने 98 गेंद का सामना करते हुए नौ बार गेंद सीमारेखा के पार कराई। सैकड़ा जड़ने के बाद उन्होंने प्रवीण की गेंद को डीप स्क्वायर लगे में उठा दिया, लेकिन अगले ओवर में अश्विन ने जमशेद को पवेलियन भेज दिया जो शार्ट थर्ड मैन में इरफान पठान को कैच देकर आउट हुए, जिससे यह जोड़ी पाकिस्तान की ओर से पहले विकेट के लिए सर्वाधिक 228 रन की भागीदारी के रिकार्ड से चार रन से चूक गई जो इमरान फरहत और हफीज ने 2011 में हरारे में बनाई थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कोहली की विराट पारी से भारत विजयी