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ओडिशा में माओवादियों ने दो इतालवी पर्यटकों को किया अगवा

ओडिशा में माओवादियों ने दो इतालवी पर्यटकों को किया अगवा

ओडिशा के आदिवासी बहुल गंजाम जिले से माओवादियों ने दो इतालवी पर्यटकों का अपहरण कर लिया। माओवादियों ने तत्काल नक्सल विरोधी अभियान को बंद करने और जेल में बंद अपने कुछ साथियों को रिहा करने की मांग की है।

मुख्य सचिव बी.के. पटनायक ने रविवार को भुवनेश्वर में संवाद्दाताओं को बताया कि पुरी में टूर आपरेटर के तौर पर काम करने वाले इतालवी पर्यटकों बोसुस्को पाओलो और क्लॉडियो कोलानजेलो का कल माओवादियों ने अपहरण कर लिया।

मांगों को पूरा करने के लिए माओवादियों की ओर से रखी गई समयसीमा आज शाम समाप्त हो गई। दिल्ली में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि दो इतालवी पर्यटकों के अपहरण के बाद से नक्सलियों के खिलाफ कोई धर-पकड़ अभियान नहीं चलाया गया है क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार दोनों इस मुद्दे पर फूंक-फूंककर कदम आगे बढ़ाना चाहती हैं।

राज्य के गृह सचिव यू एन बेहरा ने कहा कि राज्य सरकार ने अपहर्ताओं के साथ बातचीत के सारे स्रोत खुले रखे हैं। बेहरा ने पिछले साल आईएएस अधिकारी आर वी कष्णा के अपहरण के दौरान माओवादियों के चुने हुए मध्यस्थों से बातचीत की थी।

बेहरा ने कहा कि राज्य सरकार के समक्ष उपलब्ध सूचना के अनुसार अपहत पर्यटक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपहर्ताओं के साथ बातचीत करने के लिए किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं किया है। हालात की समीक्षा करने के बाद मुख्य सचिव पटनायक ने संवाद्दाताओं से कहा कि अपहृत इतालवी पर्यटकों के पता-ठिकाने के बारे में कोई सूचना नहीं है।

माओवादियों ने तत्काल नक्सल विरोधी अभियान को रोकने और राज्य सरकार के साथ मलकानगिरि के जिलाधिकारी आर वी कष्णा का पिछले साल अपहरण किए जाने के बाद रखी गई 13 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की है। नौ दिनों तक बंधक बनाए रखने के बाद माओवादियों ने 30 वर्षीय आईएएस अधिकारी को रिहा किया था।

विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बातचीत की। पटनायक ने उन्हें बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। आधिकारिक सूत्रों ने दिल्ली में बताया कि विदेश मंत्रालय संबद्ध अधिकारियों के जरिए सहायता उपलब्ध कराने के लिए इटली के संपर्क में है ओर अपहरण मामले में ताजा घटनाक्रमों की उसे जानकारी दे रहा है।

इतालवी पर्यटक एक वाहन से पुरी आए थे और दारिंगीबाड़ी थाना द्वारा माओवादियों के खतरे के बारे में चेतावनी दिए जाने के बावजूद वे जंगली इलाके में चले गए थे। उनके साथ एक चालक और एक रसोइया भी था। मुख्यसचिव ने बताया कि माओवादियों ने हालांकि वाहन के साथ उन दोनों को छोड़ दिया।

दोनों इतालवी पर्यटकों को रिहा करने की माओवादियों से अपील करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि उनकी सरकार ने कानून के तहत किसी भी तरह की बातचीत का विकल्प खुला रखा है। उन्होंने कहा कि मैं वामपंथी उग्रवादियों से मानवता के आधार पर विदेशी पर्यटकों को तत्काल रिहा करने की अपील करता हूं। ओडिशा सरकार ने कानून के तहत अपहर्ताओं के साथ किसी भी तरह की बातचीत का विकल्प खुला रखा है। उन्होंने कहा कि मैं इस जघन्य अपराध की निंदा करता हूं। सभ्य समाज में इस तरह के कृत्य को कोई भी माफ नहीं करेगा।

इतालवी महावाणिज्य दूत जोएल मेलचिओरी भुवनेश्वर पहुंचे और उन्होंने ओडिशा के अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि हम यथाशीघ्र मुद्दे का समाधान निकलने की उम्मीद करते हैं। उम्मीद है कि उन्हें बचा लिया जाएगा। इतालवी दूत के साथ बैठक के बाद बेहरा ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अपहर्ता मुख्यमंत्री द्वारा की गई अपील को स्वीकार कर लेंगे और बंधकों को रिहा कर देंगे। हम पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। बेहरा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अपहर्ता अपनी मांगों को पूरा करने के लिए दी गई समयसीमा को बढ़ाएंगे।

मेलचिओरी ने कहा कि उनका देश अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श में संशोधन करेगा और उनसे स्थानीय अधिकारियों की सलाह को मानने को कहेगा। उन्होंने कहा कि हम उनकी आवाजाही को नियंत्रित नहीं कर सकते लेकिन हम उन्हें सलाह दे सकते हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री की अपील पर माओवादियों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य सरकार ने तलाशी अभियान रोक दिया है तो इसपर उन्होंने कहा कि हमें दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार करने दें। इस संबंध में फैसला माओवादी पक्ष की ओर से प्रतिक्रिया मिलने के बाद किया जा सकता है।

हालांकि, दिल्ली में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों इतालवी पर्यटकों के अपहरण के बाद से नक्सलियों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया गया है। लेकिन उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में शामिल केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को कोई औपचारिक आदेश नहीं दिया गया है क्योंकि वे राज्य सरकार के आदेश के तहत काम करते हैं। अधिकारी ने कहा, वे वहां हैं जहां उन्हें होना चाहिए। माओवादियों ने निजी समाचार चैनलों के माध्यम से कल मध्य रात्रि के करीब विदेशी पर्यटकों के अपहरण की जिम्मेदारी ली थी।

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