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अपहृत बालक बदमाशों के चंगुल से छूट निकला

शीतला बाजार जाजमऊ स्थित मस्जिद कुमरीशाह के मौलाना गुलाम कादिर के बेटे मोहम्मद अबुजर को शुक्रवार की शाम चार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। वह उसे लखनऊ ले गए, जहां किसी तरह अबुजर ने अपनी जान बचाई और जीआरपी के पास जा पहुंचा। वहां से मिली सूचना के बाद परिवार वाले लखनऊ स्टेशन पहुंचे और सुबह तीन बजे अबुजर को वापस कानपुर लेकर आ गए।


मोहम्मद अबुजर मस्जिद के पास रहता है। वह नेशनल पब्लिक स्कूल श्याम नगर में कक्षा आठ का छात्र है। अबुजर ने बताया कि शुक्रवार शाम लगभग साढ़े सात बजे वह अपने घर से थोड़ी दूर पेन लेने गया था। दुकान पर उसके पीछे दो आदमी आए और उसके मुंह पर स्प्रे कर दिया। स्प्रे से अबुजर बदहवास हो गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसे गाड़ी में बैठा लिया। अबुजर के मुताबिक उसे उन्नाव में होश आया तो उसने खुद ट्रवेरा गाड़ी में पाया।

गाड़ी में आगे दो लोग बैठे थे और उसके अगल-बगल एक-एक बदमाश मौजूद थे। अबुजर ने बदमाशों को यह महसूस नहीं होने दिया कि उसे होश आ गया है। उसने बताया कि गाड़ी चलाने वाले के चेहरे पर हल्की दाढ़ी थी और उसने कुर्ता पैजामा पहन रखा था। बाकी तीनों ने पैंट शर्ट पहन रखी थी। उसमें से एक साथी ने कहा कि इसे असोम ले जाना है। वहीं दूसरा बोला कि कहां सरदर्दी ले ली, इसे मारकर फेंक देते हैं। तभी उनमें से एक बोल पड़ा कि ऐसा मत करना इसके पिता मौलाना हैं और कानपुर में बड़ी पकड़ है सब फस जाएंगे।

उसके बाद इन लोगों ने गाड़ी लखनऊ चारबाग स्टेशन से थोड़ा आगे रोक दी। उसके बाद चारों सड़क पर उतर कर किसी का इंतजार करने लगे। अबुजर ने बताया कि पीछे की तरफ का दरवाजा हल्का खुला हुआ था और गेट के बाहर एक बदमाश खड़ा था। उसने मौका देखते ही गेट को धक्का मारा, जिसके कारण बदमाश सड़क पर गिर गया। इसके बाद अबुजर गाड़ी से कूदकर स्टेशन की तरफ भागा। दो बदमाशों ने उसका पीछा भी किया। खतरे का आभास होते ही अबुजर ने साइकिल सवार दो लोगों को रोका और अपनी आपबीती सुनाने लगा। पीछे आ रहे दोनों बदमाश अन्य लोगों को देख वापस लौट गए। साइकिल सवारों ने उसे स्टेशन में जीआरपी के पास जाने की सलह दी और वहां से चले गए।


अबुजर के चाचा मुकरम शाहीदी ने बताया कि जीआरपी ने उन्हें रात 11:36 पर फोन कर सूचना दी। वह परिवार के अन्य लोगों के साथ लखनऊ स्टेशन पहुंचे और वहां पर लिखापढ़ी कराने के बाद अबुजर को वापस लाए।


चकेरी इंस्पेक्टर जयशंकर प्रसाद ने बताया कि मामला संदिग्ध है। घटना जिस समय की बताई जा रही है उस समय रोड पर बहुत सारे लोग थे, मगर किसी ने घटना होते नहीं देखी। लड़का कानपुर से लखनऊ तक लाया गया मगर उसने गाड़ी का रंग तक नहीं देखा। अबुजर की परीक्षायें चल रही हैं। सम्भव है कि उसका पेपर खराब हो गया हो और उसने दबाव बनाने के लिए यह हरकत की हो।

 

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