अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

उदासी में लोग ज्यादा देखते हैं टेलीविजन !

मैरीलैंड विश्वविद्यालय (एमयू) के शोधकर्ताओं के अनुसार उदासी से छुटकारा पाने के लिए भी लोग टेलीविजन देखते हैं लेकिन इसका नकारात्मक असर पड़ता है। अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार प्रसन्न रहने वाले व्यक्ित की तुलना में उदास व्यक्ित 20 गुना अधिक समय तक टेलीविजन देखता है। विश्वविद्यालय के समाजशास्त्री जॉन पी. रॉबिनसन और स्टीव मार्टिन ने वर्ष 1से 2006 के बीच लगभग 30,000 लोगों के टेलीविजन देखने संबंधी आंकड़ों का अध्ययन किया। आंकड़ों के आधार पर रॉबिनसन ने कहा कि विश्व में मौजूदा वित्तीय संकट की समस्या के मद्देनजर हर कोई परेशान है और इस वजह से टेलीविजन अधिक देर तक देखने वालों की संख्या आने वाले कुछ महीनों में बढ़ सकती है। रॉबिनसन ने कहा कि टेलीविजन कभी भी लंबे समय तक व्यक्ित को संतुष्ट नहीं कर सकता है। दरअसल, किताबें और अन्य सामाजिक गतिविधियों से जुड़कर व्यक्ित को अधिक संतुष्टि मिलती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: उदासी में लोग ज्यादा देखते हैं टेलीविजन !