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सचिन ने मीरपुर में लिखा क्रिकेट का इतिहास

सचिन ने मीरपुर में लिखा क्रिकेट का इतिहास

ठीक एक साल चार दिन बाद आखिर में वह घड़ी आ गई, जब लंबे समय से इंतजार कर रहे क्रिकेट प्रेमियों ने शुक्रवार को सचिन तेंदुलकर के बल्ले से महाशतक बनते हुए देखा। इसके साथ ही क्रिकेट में नया इतिहास बन गया। तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए।
 
पाकिस्तान, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, आस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ चूकने के बाद तेंदुलकर ने शेरे बांग्ला स्टेडियम में साकिब अल हसन की गेंद पर एक रन लेकर उपलब्धियों का नया शिखर छुआ। इस महान बल्लेबाज ने भी 370 दिन के बाद तिहरे अंक में पहुंचने पर राहत की सांस ली और दर्शकों के साथ साथ ईश्वर का शुक्रिया अदा किया।

भारतीय खिलाड़ियों ने ड्रेसिंग रूम में खड़े होकर इस महान उपलब्धि को सलाम किया तो बांग्लादेशी खिलाड़ी भी क्रिकेट के खेल की इस अद्भुत घटना के समय इस महान हस्ती को बधाई देने में पीछे नहीं रहे। उन्होंने इसके लिए 138 गेंद खेली तथा दस चौके और एक छक्का लगाया।

तेंदुलकर यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं और फिलहाल कोई भी अन्य बल्लेबाज उनके इस रिकार्ड तक पहुंचने की स्थिति में नहीं दिखता है। तेंदुलकर के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक रिकी पोंटिंग (71) के नाम दर्ज हैं और वह भारतीय बल्लेबाज से 29 शतक पीछे हैं। रिकार्डों के बादशाह के नाम पर अब टेस्ट क्रिकेट में 51 और वनडे क्रिकेट में 49 शतक दर्ज हैं।

तेंदुलकर ने अपना पिछला शतक 12 मार्च, 2011 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नागपुर में विश्व कप में लगाया था। इसके बाद यह 34वीं पारी है जबकि वह तिहरे अंक में पहुंचे। इस बीच उन्होंने आठ अर्धशतक लगाए जबकि दो अवसरों पर वह नर्वस नाइंटीज के शिकार बने। वह इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में 91 रन जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में 94 रन बनाकर आउट हुए थे।

तेंदुलकर ने अपना पहला टेस्ट शतक 14 अगस्त, 1990 को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट मैच में लगाया था। तब वह महज 17 साल 107 दिन के थे। उन्हें एकदिवसीय क्रिकेट में अपना पहला शतक जड़ने के लिए 78 मैच का इंतजार करना पड़ा लेकिन जब उन्होंने नौ सितंबर 1994 को आस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में यह मुकाम हासिल किया तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

इस स्टार बल्लेबाज ने अपना 25वां और 50वां अंतरराष्ट्रीय शतक भी टेस्ट मैचों में ही लगाया। उन्होंने 25वां शतक अगस्त 1997 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो और 50वां शतक जिम्बाब्वे के खिलाफ नवंबर 2000 में नागपुर में लगाया था। अपना 75वां सैकड़ा तेंदुलकर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही कुआलालम्पुर में एकदिवसीय मैच में जमाया था।

तेंदुलकर को अपना पहला दोहरा शतक जड़ने के लिए लगभग दस साल का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने यह उपलब्धि अक्तूबर, 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद में हासिल की थी। वह जनवरी 2010 में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा सैकड़ा जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बने थे।

तेंदुलकर के 100 शतकों में से 42 शतक भारतीय सरजमीं पर बने हैं। उन्होंने 41 शतक विदेशी टीमों की धरती और 17 शतक तटस्थ स्थानों पर बनाए हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में वह अब तक 71 शतक जमा चुके हैं। तेंदुलकर ने जिन टीमों के खिलाफ दस या इससे अधिक मैच खेल हैं उन सभी के खिलाफ शतक जमाए हैं।
उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वाधिक 20 शतक लगाए हैं। इसके बाद श्रीलंका (17), दक्षिण अफ्रीका (12), इंग्लैंड और न्यूजीलैंड (दोनों 9), जिम्बाब्वे (8), वेस्टइंडीज और पाकिस्तान (7), बांग्लादेश (5), केन्या (4) और नामीबिया (1) का नंबर आता है।

शतकों के लिहाज से 1998 का साल उनके लिए काफी अच्छा रहा। उस साल तेंदुलकर ने 12 शतक जमाए। इसके अलावा उन्होंने 1996, 1999 और 2010 में आठ-आठ तथा 2001 में सात शतक लगाए थे। इस साल यह उनका चौथा अंतरराष्ट्रीय शतक है।

तेंदुलकर ने भारत की तरफ जिन 98 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की उनमें उन्होंने 13 शतक लगाए लेकिन सबसे ज्यादा सैकड़े उन्होंने मोहम्मद अजहरुद्दीन के कप्तान रहते हुए ठोके। इस दौरान तेंदुलकर के बल्ले से 33 शतक निकले जबकि सौरव गांगुली की कप्तानी में उन्होंने 24, महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में 19, राहुल द्रविड़ की कप्तानी में आठ, अनिल कुंबले की कप्तानी में दो और वीरेंद्र सहवाग की कप्तानी में एक शतक जमाया है।

तेंदुलकर ने टेस्ट मैचों में टीम की दूसरी पारी में 14 और मैच की चौथी पारी में चार शतक लगाए हैं। उनके 100 शतकों से 28 दिन रात्रि मैचों में लगे हैं जबकि 45 शतक उन्होंने सलामी बल्लेबाज के तौर पर जमाए हैं। टेस्ट मैचों में उनका पसंदीदा बल्लेबाजी क्रम चार रहा है। इस नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 49 जबकि पांचवें नंबर पर पांच और छठे नंबर पर दो सैकड़े ठोके हैं।

तेंदुलकर के लिए नवंबर का महीना सबसे अधिक भाग्यशाली रहा है। नवंबर में उन्होंने 13 शतक लगाए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का अर्धशतक भी नवंबर महीने में ही पूरी किया था। यह उपलब्धि उन्होंने नवंबर 2000 में जिम्बाब्वे के खिलाफ नागपुर टेस्ट मैच में नाबाद 201 रन बनाकर हासिल की थी।

इस स्टार बल्लेबाज का मार्च के महीने में यह 13वां शतक है। उन्होंने फरवरी में 12 तथा दिसंबर जनवरी में 11-11 शतक लगाए हैं। उन्होंने साल के सभी 12 महीनों में सैकड़े जमाए हैं लेकिन जून के माह में उनके बल्ले से केवल एक सैकड़ा निकला है। यह शतक उन्होंने 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम टेस्ट मैच में लगाया था।

यही नहीं तेंदुलकर ने एक शतक अपने जन्मदिन 24 अप्रैल के दिन भी लगाया। आस्ट्रेलिया के खिलाफ 24 अप्रैल 1998 को उन्होंने शारजाह में 134 रन की पारी खेली थी।

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