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महाशतक पूरा, पर भारत हारा

महाशतक पूरा, पर भारत हारा

सचिन तेंदुलकर आखिरकार 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक की एतिहासिक उपलब्धि हासिल करने में सफल रहे लेकिन उनके इस विशिष्ट कारनामे के बावजूद भारत को एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में मेजबान बांग्लादेश के जाबांज प्रदर्शन के सामने पांच विकेट से हार झेलनी पड़ी।

तेंदुलकर ने 114 रन बनाकर करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की मुराद पूरी की। अपनी पारी के दौरान उन्होंने विराट कोहली (82 गेंद पर 66 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 148 रन और सुरेश रैना (38 गेंद पर 51 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 86 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की जिससे भारत पांच विकेट पर 289 रन बनाने में सफल रहा।

अनुभवी बल्लेबाज तमीम इकबाल (70), जहुरूल इस्लाम (53), नासिर हुसैन (54), साकिब अल हसन (49) और कप्तान मुशफिकर रहीम (25 गेंद पर नाबाद 46 रन) की उम्दा पारियों से बांग्लादेश ने हालांकि 49.2 ओवर में पांच विकेट पर 293 रन बनाकर भारतीय स्कोर बौना बना दिया।

यह भी संयोग है कि पांच साल पहले 2007 में विश्व कप में 17 मार्च को भी बांग्लादेश ने भारत को हराया और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। अब भारत फिर से मुश्किल स्थिति में पहुंच गया है और उसे आगे बढ़ने के लिए 18 मार्च को हर हाल में पाकिस्तान को हराना होगा या फिर 20 मार्च को श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर निर्भर रहना पड़ेगा।

भारत की हार के बावजूद आज का दिन क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। पिछले साल विश्व कप में 99वां शतक लगाने के एक साल और चार दिन बाद भारत की दिग्गज खेल हस्ती तेंदुलकर ने पारी के 44वें ओवर में बाएं हाथ के स्पिनर साकिब की गेंद स्क्वायर लेग पर एक रन लेकर के लिए खेलकर महाशतक पूरा किया।

तेंदुलकर ने इसके लिए 138 गेंद खेली जो उनके सबसे धीमे शतकों में से एक था लेकिन एक दशक पहले जिस संख्या के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था उसे हासिल करके वह न सिर्फ राहत महसूस कर रहे थे बल्कि उत्साह से भी सराबोर थे।

शतक पूरा करने के बाद तेंदुलकर ने अपने हाथ खोले। उन्होंने शहादत हुसैन पर लगातार दो चौके लगाए। उनके साथ दूसरे छोर पर खड़े रैना ने इस बीच तूफानी पारी खेली तथा पांच चौके और दो छक्के लगाए।

तेंदुलकर आखिर में 47वें ओवर में मशरेफी मुर्तजा की गेंद को सीमा रेखा पार पहुंचाने के प्रयास में आउट हुए। गेंद उनके बल्ले का किनारा ही ले पाई और विकेट के पीछे मुशफिकर रहीम के हाथों में चली गई। यह निश्चित तौर पर उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी नहीं थी क्योंकि उनके 114 रन 147 गेंद पर बने जिसमें 12 चौके और एक छक्का शामिल है। तेंदुलकर पर 100वें शतक का कितना दबाव था इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 80 से 100वें रन तक पहुंचने के लिए उन्होंने 36 गेंद खेली।

भारत ने पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर गौतम गंभीर का विकेट जल्दी गंवा दिया। उन्होंने शफीउल इस्लाम की कोण लेती गेंद अपने विकेट पर खेल ली थी।

तेंदुलकर और कोहली ने अच्छी तरह से पारी आगे बढ़ाई। तेंदुलकर अपनी पारी के शुरुआती भाग में अच्छे टच में दिख रहे थे और उन्होंने इस बीच दोनों तरफ जादुई शॉट लगाए। उन्होंने साकिब की गेंद पर एकमात्र छक्का भी जड़ा। तेंदुलकर ने पूर्व बांग्लादेशी कप्तान की गेंद एक्स्ट्रा कवर पर चौके लिए खेलकर 63 गेंद पर अपना पचासा पूरा किया।

आस्ट्रेलिया दौरे से ही बेहतरीन फार्म में चल रहे कोहली भी लगातार तीसरे मैच में शतक बनाने की स्थिति में दिख रहे थे लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर अब्दुर रज्जाक की गेंद स्टंप पर खेलने से उन्हें आखिर में निराश होकर पवेलियन लौटना पड़ा। उन्होंने 82 गेंद खेली और पांच चौके लगाए। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने 11 गेंद पर नाबाद 21 रन बनाए।

इसके बाद बांग्लादेश के खिलाड़ियों के साहसिक प्रदर्शन की बानगी देखने को मिली। प्रवीण कुमार ने पांचवें ओवर में नजीमुद्दीन को आउट करके बांग्लादेश को करारा झटका दिया लेकिन अनुभवी तमीम और जहरूल इस्लाम ने दूसरे विकेट के लिए 24 ओवर में 113 रन जोड़कर अच्छी नींव रखी। ये दोनों हालांकि अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाए जिससे कि रन रेट बढ़ता गया।

धौनी ने जब रविंदर जडेजा को गेंद सौंपी तो गेंदबाजी में यह बदलाव कारगर साबित हुआ। जहरूल ने उनकी आफ स्टंप से बाहर की गेंद को मिडविकेट की तरफ हवा में खेला जहां रोहित ने उसे कैच में बदल दिया। उन्होंने 68 गेंद खेलकर चार चौके और एक छक्का लगाया।

इसके बाद तमीम भी अधिक देर तक नहीं टिक पाए और प्रवीण की गेंद पर कट करके बैकवर्ड प्वाइंट पर खड़े जडेजा को कैच दे बैठे। उनकी 99 गेंद की पारी में छह चौके शामिल हैं।

साकिब और नासिर हुसैन ने हालांकि आठ ओवर में 68 रन की साझेदारी करके भारतीयों को राहत नहीं लेने दी। इस साझेदारी में साकिब अधिक हावी रहे। उन्होंने आर अश्विन की गेंद पर स्टंप आउट होने से पहले 31 गेंद पर पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 49 रन बनाए। इस फैसले के लिए तीसरे अंपायर का सहारा लेना पड़ा। रीप्ले से बहुत साफ नहीं हो रहा था कि साकिब का पांव क्रीज के अंदर है या लाइन पर लेकिन तीसरे अंपायर ने बल्लेबाज को संदेह का लाभ नहीं दिया।

मैच आखिरी क्षणों में बेहद रोमांचक स्थिति में पहुंच गया। बांग्लादेश को जब 17 गेंद पर 31 रन चाहिए थे तब रहीम ने इरफान पठान पर लगातार दो छक्के जड़कर भारतीयों के सारे समीकरण बिगाड़ दिए। अगले ओवर में बांग्लादेशी कप्तान रहीम ने प्रवीण की पहली दो गेंद पर चौका और छक्का लगाकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की। महमुदुल्लाह ने अशोक डिंडा पर विजयी चौका लगाया। रहीम ने अपनी पारी में तीन चौके और तीन छक्के लगाए।

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