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पाक की बड़ी जीत, फाइनल में पहुंचना तय

पाक की बड़ी जीत, फाइनल में पहुंचना तय

तेज गेंदबाज अयाज चीमा और आफ स्पिनर सईद अजमल की उत्कृष्ट गेंदबाजी से श्रीलंका को सस्ते में समेटने के बाद पाकिस्तान ने गुरुवार को यहां कप्तान मिसबाह उल हक और उमर अकमल की शतकीय साझेदारी की बदौलत छह विकेट की जीत से एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी जगह लगभग सुनिश्चित की।

श्रीलंका के लिये टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अनुभवी कुमार संगकारा (71) और उपुल तरंगा (57) के बीच 96 रन की साझेदारी के अलावा कुछ भी सकारात्मक नहीं रहा। श्रीलंका ने अपने पहले चार विकेट 65 रन जबकि आखिरी छह विकेट 27 रन के अंदर गंवाये जिससे उसकी टीम 45.4 ओवर में 188 रन पर ढेर हो गयी।

पाकिस्तान ने भी 33 रन पर चोटी के तीन विकेट गंवा दिये थे। इसके बाद मिसबाह (नाबाद 72) और अकमल (77) ने चौथे विकेट के लिये 152 रन की साझेदारी की जिससे उसकी टीम ने 39.5 ओवर में छह विकेट पर 189 रन बनाकर 61 गेंद शेष रहते ही जीत हासिल कर ली।

इस जीत से पाकिस्तान को बोनस अंक मिला और उसके अब नौ अंक हो गये हैं। इससे उसका फाइनल में पहुंचना तय हो गया है जबकि श्रीलंका लगातार दूसरी हार से बाहर होने की कगार पर खड़ा हो गया है। श्रीलंका को अब फाइनल में पहुंचने के लिये भारत की दोनों मैच में हार की दुआ करनी होगी और फिर उसे बांग्लादेश को बड़े अंतर से हराना होगा। यदि भारत कल बांग्लादेश को हरा देता है तो फिर उसका पाकिस्तान से फाइनल तय हो जाएगा।

पाकिस्तान के लिये अब भी थोड़ा अगर मगर की स्थिति है। यदि बांग्लादेश अपने दोनों मैच जीत जाए और भारत 18 मार्च को पाकिस्तान को हरा दे तो फिर इन तीनों टीमों के आठ-आठ अंक होंगे और फिर नेट रन रेट के आधार पर फैसला होगा जिसमें पाकिस्तान अभी काफी मजबूत है।

पाकिस्तान की इस जीत में उसके गेंदबाजों ने अहम भूमिका निभायी। चीमा ने 43 रन देकर चार विकेट लिये और अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की। अजमल ने 27 रन देकर तीन और उमर गुल ने 20 रन देकर दो विकेट लिये।

श्रीलंका के तेज गेंदबाजों के सामने हालांकि पाकिस्तानी बल्लेबाजों को भी शुरू में संघर्ष करना पड़ा। पहले बदलाव के रूप में आये तेज गेंदबाज सुरंगा लखमल ने नासिर जमशेद (18) जबकि सीकुगे प्रसन्ना ने मोहम्मद हफीज (11) को आउट करने में देर नहीं लगायी। लखमल ने अनुभवी यूनिस खान (2) को पवेलियन भेजकर स्कोर तीन विकेट पर 33 रन कर दिया।

मिसबाह और अकमल ने हालांकि रणनीतिक बल्लेबाजी की क्योंकि विकेट सपाट था और गेंद आसानी से बल्ले पर आ रही थी। इन दोनों ने किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की और एक दो रन लेकर स्कोर आगे बढ़ाया।
इस मैच में वापसी करने वाले लसिथ मालिंगा ने फिर से श्रीलंका को निराश किया। अकमल ने उनके दूसरे स्पैल के पहले ओवर ही में तीन चौके लगाये।

इसके बाद प्रसन्ना की बारी थी जिन पर मिसबाह ने छक्का जड़ा जबकि उनके एक अन्य ओवर में अकमल ने लगातार गेंद पर चौके और छक्के लगाये। इस बीच अकमल को 46 रन के निजी योग पर लाहिरू तिरिमाने ने जीवनदान भी दिया। दोनों बल्लेबाज लखमल के इसी ओवर में अर्धशतक पूरा करने में भी सफल रहे।

पाकिस्तान को जीत के लिये जब केवल चार रन की जरूरत थी तब अकमल ने हवा में गेंद लहराकर अपना विकेट गंवाया। उन्होंने 72 गेंद खेली तथा सात चौके और एक छक्का लगाया। मिसबाह की 93 गेंद की नाबाद पारी में नौ चौके और एक छक्का शामिल है। हम्मद आजम (नाबाद 4) ने विजयी चौका लगाया।

कप्तान महेला जयवर्धने (12) और तिलकरत्ने दिलशान (20) ने श्रीलंका को तेज शुरुआत दिलायी लेकिन ये दोनों दस गेंद के अंदर आउट हो गये। जयवर्धने ने मैन आफ द मैच चीमा की गेंद हवा में लहरायी।

चीमा ने अगले ओवर में दिलशान से भी बदला चुकता कर दिया। इस बार गेंद दिलशान के बल्ले के ऊपरी किनारे से लगकर मिडविकेट पर अजमल के सुरक्षित हाथों में गयी। गुल ने नये बल्लेबाज दिनेश चंदीमल को पवेलियन भेजा जो खाता भी नहीं खोल पाये। तिरिमाने ने आजम की काफी बाहर जाती गेंद को खेलकर प्वाइंट पर कैच थमाया।

संगकारा और तरंगा ने श्रीलंका को संकट से बाहर निकालने का बीड़ा उठाया। दोनों ने एक दो रन लेकर स्कोर आगे बढ़ाया और लगभग समान गति से रन बनाते रहे। संगकारा और तरंगा दोनों ने ही पारी के 33वें ओवर में अपने अर्धशतक पूरे किये।

लेकिन लगातार दूसरे मैच में श्रीलंका के लिये बल्लेबाजी पावरप्ले घातक साबित हुआ। इसके पहले ओवर में अजमल ने दूसरा पर तरंगा को बोल्ड कर दिया जिन्होंने अपनी पारी में 74 गेंद खेली और चार चौके लगाये। इस आफ स्पिनर ने अपने अगले ओवर में नये बल्लेबाज फारवेज महरूफ (2) को भी आउट किया जबकि गुल ने नुवान कुलशेखरा (4) को पवेलियन भेजा।

संगकारा ने इस बीच अजमल पर पारी का एकमात्र छक्का लगाया लेकिन चीमा ने अपने नये स्पैल की पहली गेंद पर ही उन्हें बोल्ड कर दिया। संगकारा गेंद मिडविकेट से बाहर भेजना चाहते थे लेकिन वह बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर विकेटों में समा गयी। उन्होंने 92 गेंद खेली तथा चार चौके और एक छक्का लगाया।

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