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पिछले साल रची गई इजरायली कार बम हमले की साजिश

पिछले साल रची गई इजरायली कार बम हमले की साजिश

इजरायली राजनयिक की कार को उड़ाने की साजिश वर्ष 2011 के शुरू में उस समय रची गई थी जब दो ईरानी नागरिक इजरायल के दिल्ली स्थित दूतावास की टोह लेने और राजनयिकों के आगमन एवं प्रस्थान के समय के बारे में जानने के लिए भारत आए थे।
  
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस्राइली दूतावास की टोह लेने में ये दोनों लोग सैयद अली मेहदी और मोहम्मद रजा अबोलगासमी गिरफ्तार पत्रकार सैयद मोहम्मद काजमी के कथित तौर पर साथ थे। इसके बाद ये दोनों अपनी योजना को अंतिम रूप देने और अभियान के लिए किसी व्यक्ति को तैयार करने के लिए भारत से ईरान रवाना हो गए।
  
हुसैन अफशर वह कथित व्यक्ति है जिसने इस्राइली राजनयिक ताल येहोशुआ की कार पर 13 फरवरी को बम चिपकाया था। इस हमले में येओशुआ बुरी तरह घायल हो गई थीं और चार अन्य लोग मामूली रूप से जख्मी हुए थे।
  
अफशर जनवरी के अंतिम हफ्ते में भारत पहुंचा था और वह मध्य दिल्ली के करोल बाग स्थित एक होटल में ठहरा था। सूत्रों ने बताया और दावा किया कि उसने काजमी के साथ बैठकें कीं और यहां तक कि वह दक्षिणी दिल्ली की बीके दत्त कालोनी स्थित काजमी के घर भी गया।
  
विस्फोट के लिए इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है जो उस होटल के एक कर्मचारी की है जहां अफशर भारत प्रवास के दौरान ठहरा हुआ था। वह घटना से काफी पहले से इस होटलकर्मी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर रहा था। होटलकर्मी ने हमलावर के मंसूबों को जाने बिना उसकी मदद की।

इस्राइली राजनयिक की कार से बम चिपकाने के बाद अफशर ने उसी दिन की शाम ईरान जाने के क्रम में कुआलालंपुर जाने वाली उड़ान पकड़ ली।
  
दिल्ली पुलिस ने कल रात मामले में तीन ईरानी नागरिकों के खिलाफ मुख्य मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट विनोद यादव की अदालत से गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया और वह इन लोगों के खिलाफ इंटरपोल का रेड कार्नर नोटिस जारी कराने के लिए शीघ्र ही इंटरपोल से संपर्क करेगी।
  
काजमी की भूमिका के बारे में अधिकारियों ने कहा कि वह साजिश के बारे में जानता था और उसे इस बात की जानकारी थी कि इस्राइली दूतावास की टोह लेने में उसकी स्कूटी का इस्तेमाल किया जा रहा है जो उसके घर से बरामद हुई।
  
सूत्रों ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद काजमी की पत्नी के बैंक खाते में विदेश से 20 लाख रुपये जमा हुए। उन्होंने कहा कि पिछले साल काजमी दो बार तेहरान गया था जहां उसने कथित तौर पर साजिश में हिस्सा लिया।
  
काजमी के परिवार और अन्य धार्मिक नेताओं ने मामले में काजमी की भूमिका से इंकार किया है और कहा कि उसे जांच एजेंसियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। सात मार्च को काजमी की 20 दिन की पुलिस हिरासत की मांग करते हुए सरकारी वकील राजीव मोहन ने अदालत में उल्लेख किया था कि यह अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का मामला है।

यह जरूरी नहीं है कि इसमें सिर्फ भारतीय ही शामिल हों। इस बात की संभावना है कि मामले में कुछ विदेशी लोग भी शामिल हो सकते हैं। हम घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान पहले ही दर्ज कर चुके हैं।
  
अभियोजक ने कहा था कि साजिश भारत से बाहर रची गई। हम खुली अदालत में सभी सूचनाओं का खुलासा नहीं कर सकते क्योंकि मुख्य आरोपी जांच एजेंसी की पहुंच से दूर जा सकता है जिसे अभी गिरफ्तार किया जाना है।

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