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व्रत और त्योहार/पंचांग (बृहस्पतिवार, 15 मार्च 2012)

श्री शीतलाष्टमी व्रत पयरुषितन्न (बासी) करना चाहिए। कालाष्टमी, संतानष्टमी। वर्षीतप प्रारंभ (जैन)। सौर्थ चैत्र मास प्रारम्भ। सूर्य उत्तरायण। सूर्य दक्षिण गोल। बसंत ऋतु। मध्याह्न 1 बजकर 30 मिनट से सायं 3 बजे तक राहुकालम्।

15 मार्च बृहस्पतिवार 25 फाल्गुन (सौर) शक 1933, फाल्गुन मास 1 प्रविष्टे 2068, 21 रबी उस्सानी हिजरी सन् 1433, चैत्र कृष्ण अष्टमी सायं 6 बजकर 15 मिनट तक उपरांत नवमी, मूल नक्षत्र रात्रि 4 बजकर 54 मिनट तक तदनन्तर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, सिद्धि (असृक) योग प्रात: 9 बजकर 38 मिनट तक पश्चात् व्यतीपात योग, बालव करण, चन्द्रमा धनु राशि में (दिन-रात)।
दैवज्ञ पं. वेणीमाधव गोस्वामी

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  • Web Title:व्रत और त्योहार/पंचांग (बृहस्पतिवार, 15 मार्च 2012)