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जान है तो जहान हैः रेल मंत्री

जान है तो जहान हैः रेल मंत्री

हाल के वर्षों में हुई बड़ी रेल दुर्घटनाओं को देखते हुए रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने बुधवार को लोकसभा में पेश रेल बजट में 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान सुरक्षा के साथ नेटवर्क विस्तार एवं आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है।

वित्त वर्ष 2012-13 के लिए लोकसभा में रेल बजट पेश करते हुए त्रिवेदी ने कहा, ''मेरा जोर सुरक्षा, सुरक्षा, सुरक्षा पर होगा।'' उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में रेल दुर्घटना की पृष्ठभूमि में पद संभालने के कुछ ही समय बाद यह निर्णय लिया गया था।

अपना पहला रेल बजट पेश करते हुए त्रिवेदी ने कहा, ''मैं रेल यात्रा को दुर्घटना रहित बनाना चाहता हूं। परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व प्रमुख अनिल काकोदकर की अध्यक्षता वाले विशेषज्ञ समूह की अनुशंसा पर मैं एक स्वतंत्र रेल सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव रखता हूं।''

त्रिवेदी के अनुसार अन्य चार प्राथमिकताएं एकीकरण, भीड़भाड़ कम करना एवं क्षमता में वृद्धि, आधुनिकीकरण और परिचालन लागत कम करना है। रेल मंत्री ने कहा कि परिचालन लागत वर्तमान के 95 फीसदी से घटाकर 84.5 फीसदी तक लाया जाएगा और 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक इसे घटाकर 74 फीसदी तक लाया जाएगा। अभी तक रेलवे को 100 रुपये कमाने के लिए 95 रुपये खर्च करने होते हैं।

उन्होंने कहा कि यह बजट अगले वित्त वर्ष के लिए ही नहीं है, बल्कि यह उनकी पूर्ववर्ती एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 2020 के दृष्टिकोण पत्र से प्रेरित होकर 12वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि के लिए भी है।

भारतीय रेल 64,000 किमी मार्ग के साथ विश्व का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है। इस नेटवर्क पर प्रतिदिन 12,000 यात्री रेलगाड़ियां एवं 7,000 मालगाड़ियां क्रमश: 230 लाख यात्रियों एवं 26.5 लाख टन सामान की ढुलाई करती हैं।

देश के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में रेलवे की भूमिका को रेखांकित करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि रक्षा एवं विदेश नीति की तरह महत्वपूर्ण रेल लाइनों के सम्बंध में राष्ट्रीय नीति को क्रियान्वित करने का वक्त आ गया है।

उन्होंने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दौरान भारतीय रेल 7.35 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी जिसमें से 1.92 लाख करोड़ रुपये अगले वित्त वर्ष के दौरान निवेश किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि 2012-13 के लिए अब तक की सर्वाधिक 60,100 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तुत की गई है और अगले 10 वर्षों के दौरान आधुनिकीकरण के लिए 14 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

रेल मंत्री अगले वित्त वर्ष के लिए 6870 करोड़ रुपये की लागत से 85 नई रेल लाइनें बिछाने का प्रस्ताव रखा और कहा कि 114 अन्य लाइनों के लिए सम्भाव्यता सर्वेक्षण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि रेलगाड़ियों की रफ्तार 90-100 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटा करने का प्रयास किया जाएगा और नई दिल्ली से कोलकाता के यात्रा समय को 17 घंटे से घटाकर 14 घंटे लाया जाएगा।

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