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रेल बजट : मुख्य बिंदुएं

रेल बजट : मुख्य बिंदुएं

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी द्वारा बुधवार को संसद में पेश रेल बजट 2012-13 की मुख्य बिंदुएं इस प्रकार हैं :

- रेलवे 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में 7.35 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी। पिछली योजना अवधि में रेलवे ने 1.92 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया था।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में ढांचागत संरचना पर होने वाले अनुमानित 20 लाख करोड़ रुपए के खर्च का 10 फीसदी हिस्सा रेलवे को हासिल करना चाहिए।
- रेलवे को 12वीं योजना अवधि में 2.5 लाख करोड़ रुपए के कुल बजटीय सहायता की उम्मीद।
- आधुनिकीकरण के लिए धन जुटाने सम्बंधी तंत्र बनाने की सामूहिक चुनौती।
- रेलवे को सकल घरेलू उत्पादन में दो फीसदी योगदान करना चाहिए, जो अभी एक फीसदी है।
- सुरक्षा पर ध्यान। विश्व की सबसे सुरक्षित नेटवर्कों में शामिल करने का लक्ष्य।
- दुर्घटना को 0.55 से घटाकर 0.17 पर लाने का लक्ष्य हासिल।
- सुरक्षा मानकों के लिए एक विशेष संगठन की स्थापना।
- स्वायत्त रेलवे सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना।
- आधुनिकीकरण के लिए 5.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत।
- वर्ष 2012-13 के लिए 60,100 करोड़ रुपए के खर्च का प्रावधान, जो अब तक का सर्वाधिक है।
- रेलवे को 10 सालों में आधुनिकीकरण के लिए 14 लाख करोड़ रुपए की जरूरत।
- संचालन अनुपात को 90 फीसदी से घटाकर 2012-13 में 84.9 फीसदी करने तथा 2016-17 तक 72 फीसदी पर लाने का लक्ष्य।
- रक्षा नीति और विदेश नीति की तरह राष्ट्रीय रेल नीति बनाने का समय आ चुका है।
- उच्च सकल घरेलू विकास दर बनाए रखने के लिए रेलवे को 10 फीसदी की वार्षिक दर से विकास करना चाहिए।
- रेलवे 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में 7.35 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी। पिछली योजना अवधि में रेलवे ने 1.92 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया था।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में ढांचागत संरचना पर होने वाले अनुमानित 20 लाख करोड़ रुपए के खर्च का 10 फीसदी हिस्सा रेलवे को हासिल करना चाहिए।
- रेलवे को 12वीं योजना अवधि में 2.5 लाख करोड़ रुपए के कुल बजटीय सहायता की उम्मीद।
- आधुनिकीकरण के लिए धन जुटाने सम्बंधी तंत्र बनाने की सामूहिक चुनौती।
- रेलवे को सकल घरेलू उत्पादन में दो फीसदी योगदान करना चाहिए, जो अभी एक फीसदी है।
- सुरक्षा पर ध्यान। विश्व की सबसे सुरक्षित नेटवर्कों में शामिल करने का लक्ष्य।
- दुर्घटना को 0.55 से घटाकर 0.17 पर लाने का लक्ष्य हासिल।
- सुरक्षा मानकों के लिए एक विशेष संगठन की स्थापना।
- स्वायत्त रेलवे सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना।
- आधुनिकीकरण के लिए 5.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत।
- वर्ष 2012-13 में 4,410 करोड़ रुपए जुटाने के लिए क्षमता विस्तार।
- वर्ष 2012-13 में 85 नई रेल मार्ग परियोजनाएं।
- वर्ष 2012-13 में 114 नए रेल मार्गो का सर्वेक्षण।
- नई रेल मार्ग परियोजनाओं को 2012-13 में 6,870 करोड़ रुपए मिलेंगे।
- आठ सौ किलोमीटर मार्ग पर गेज परिवर्तन और इस कार्य के लिए 1,950 करोड़ रुपए का आवंटन।
- अगले पांच सालों में पांच क्षेत्रों पर अधिक ध्यान। ये क्षेत्र हैं मार्ग, पुल, सिग्नल प्रणाली, रेलगाड़ियां और स्टेशन।
- उन्नीस हजार किलोमीटर मार्ग पर सिग्नल प्रणाली में सुधार।
- अगले पांच सालों में रेलगाड़ियों पर 1.7 लाख करोड़ रुपए का निवेश।
- रेलगाड़ी की गति बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे करने की कोशिश। दिल्ली से कोलकाता की यात्रा में लगने वाले समय को 17 घंटे से घटाकर 14 घंटे किया जा सकता है।
- रेलवे स्टेशनों में सुधार से 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की सम्भावना।
- वर्ष 2012-13 के लिए 60,100 करोड़ रुपए के खर्च का प्रावधान, जो अब तक का सर्वाधिक है।
- रेलवे को 10 सालों में आधुनिकीकरण के लिए 14 लाख करोड़ रुपए की जरूरत।
- संचालन अनुपात को 90 फीसदी से घटाकर 2012-13 में 84.9 फीसदी करने तथा 2016-17 तक 72 फीसदी पर लाने का लक्ष्य।
- रक्षा नीति और विदेश नीति की तरह राष्ट्रीय रेल नीति बनाने का समय आ चुका है।
- उच्च सकल घरेलू विकास दर बनाए रखने के लिए रेलवे को 10 फीसदी की वार्षिक दर से विकास करना चाहिए।
- रेलवे 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में 7.35 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी। पिछली योजना अवधि में रेलवे ने 1.92 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया था।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में ढांचागत संरचना पर होने वाले अनुमानित 20 लाख करोड़ रुपए के खर्च का 10 फीसदी हिस्सा रेलवे को हासिल करना चाहिए।
- रेलवे को 12वीं योजना अवधि में 2.5 लाख करोड़ रुपए के कुल बजटीय सहायता की उम्मीद।
- आधुनिकीकरण के लिए धन जुटाने सम्बंधी तंत्र बनाने की सामूहिक चुनौती।
- रेलवे को सकल घरेलू उत्पादन में दो फीसदी योगदान करना चाहिए, जो अभी एक फीसदी है।
- सुरक्षा पर ध्यान। विश्व की सबसे सुरक्षित नेटवर्को में शामिल करने का लक्ष्य।
- दुर्घटना को 0.55 से घटाकर 0.17 पर लाने का लक्ष्य हासिल।
- सुरक्षा मानकों के लिए एक विशेष संगठन की स्थापना।
- स्वायत्त रेलवे सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना।
- आधुनिकीकरण के लिए 5.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में 6,500 किलोमीटर मार्ग का विद्युतीकरण और इसके लिए 8000 करोड़ रुपए का आवंटन।
- मुम्बई उपनगरीय रेल प्रणाली के पश्चिमी रेल गलियारे में बिजली आपूर्ति का डीसी से एसी में परिवर्तन कार्य पूर्ण। केंद्रीय रेल गलियारे में परिवर्तन कार्य 2012-13 में पूरा होगा।
- मुम्बई में चर्चगेट से विरार तक ऊपरगामी मार्ग बनाया जाएगा।
- सरकार को रेलवे को लाभांश वापस देने पर विचार करना चाहिए।
- पांच हजार किलोमीटर से अधिक की 31 परियोजनाओं पर राज्य सरकारों के साथ काम जारी।
- वर्ष 2012-13 में 4,410 करोड़ रुपए जुटाने के लिए क्षमता विस्तार।
- वर्ष 2012-13 में 85 नई रेल मार्गं परियोजनाएं।
- वर्ष 2012-13 में 114 नए रेल मार्गों का सर्वेक्षण।
- नई रेल मार्ग परियोजनाओं को 2012-13 में 6,870 करोड़ रुपए मिलेंगे।
- आठ सौ किलोमीटर मार्ग पर गेज परिवर्तन और इस कार्य के लिए 1,950 करोड़ रुपए का आवंटन।
- अगले पांच सालों में पांच क्षेत्रों पर अधिक ध्यान। ये क्षेत्र हैं मार्ग, पुल, सिग्नल प्रणाली, रेलगाड़ियां और स्टेशन।
- उन्नीस हजार किलोमीटर मार्ग पर सिग्नल प्रणाली में सुधार।
- अगले पांच सालों में रेलगाड़ियों पर 1.7 लाख करोड़ रुपए का निवेश।
- रेलगाड़ी की गति बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे करने की कोशिश। दिल्ली से कोलकाता की यात्रा में लगने वाले समय को 17 घंटे से घटाकर 14 घंटे किया जा सकता है।
- रेलवे स्टेशनों में सुधार से 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की सम्भावना।
- वर्ष 2012-13 के लिए 60,100 करोड़ रुपए के खर्च का प्रावधान, जो अब तक का सर्वाधिक है।
- रेलवे को 10 सालों में आधुनिकीकरण के लिए 14 लाख करोड़ रुपए की जरूरत।
- संचालन अनुपात को 90 फीसदी से घटाकर 2012-13 में 84.9 फीसदी करने तथा 2016-17 तक 72 फीसदी पर लाने का लक्ष्य।
- रक्षा नीति और विदेश नीति की तरह राष्ट्रीय रेल नीति बनाने का समय आ चुका है।
- उच्च सकल घरेलू विकास दर बनाए रखने के लिए रेलवे को 10 फीसदी की वार्षिक दर से विकास करना चाहिए।
- रेलवे 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में 7.35 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी। पिछली योजना अवधि में रेलवे ने 1.92 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया था।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में ढांचागत संरचना पर होने वाले अनुमानित 20 लाख करोड़ रुपए के खर्च का 10 फीसदी हिस्सा रेलवे को हासिल करना चाहिए।
- रेलवे को 12वीं योजना अवधि में 2.5 लाख करोड़ रुपए के कुल बजटीय सहायता की उम्मीद।
- आधुनिकीकरण के लिए धन जुटाने सम्बंधी तंत्र बनाने की सामूहिक चुनौती।
- रेलवे को सकल घरेलू उत्पादन में दो फीसदी योगदान करना चाहिए, जो अभी एक फीसदी है।
- सुरक्षा पर ध्यान। विश्व की सबसे सुरक्षित नेटवर्कों में शामिल करने का लक्ष्य।
- दुर्घटना को 0.55 से घटाकर 0.17 पर लाने का लक्ष्य हासिल।
- सुरक्षा मानकों के लिए एक विशेष संगठन की स्थापना।
- स्वायत्त रेलवे सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना।
- आधुनिकीकरण के लिए 5.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत।
- 102.5 करोड़ टन माल ढुलाई तथा इससे 89,339 करोड़ रुपए कमाने, यात्री किराए से 36,073 करोड़ रुपए कमाने तथा कुल 1.32 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य।
- खर्च और लाभांश भुगतान के बाद बचे 1,492 करोड़ रुपए कई परियोजनाओं का खर्च उठाने के लिए काफी नहीं।
- नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ डिजाइन में एक समर्पित रेलवे डिजाइन विभाग। इसके लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान।
- नई यात्री सेवाएं : 820 नई चीजें, 75 नई एक्सप्रेस रेलगाड़ियां, 21 नई यात्री रेलगाड़ियां, मुम्बई उपनगरीय प्रणाली में 75 नई सेवाएं।
- अमृतसर, पटना और नांदेड़ के बीच गुरु परिक्रमा रेलगाड़ी चलेगी।
- यात्री सुविधा बढ़ाने पर 1,112 करोड़ रुपए का खर्च, क्षेत्रीय रसोई की सुविधाएं।
- समर्पित माल ढुलाई गलियारे के लिए विश्व बैंक से 6,500 करोड़ रुपए कर्ज को अंतिम रूप। तीन हजार तीन सौ किलोमीटर मार्ग के लिए भूमि का अधिग्रहण सम्पन्न। पहला ठेका 2012-13 में दिया जाएगा।
- स्वच्छता के स्तर में सुधार। अगले छह माह में इस पर पूरा ध्यान। स्टेशन और रेलागाड़ियों की सफाई के लिए एक विशेष एजेंसी की स्थापना।
- शौचालयों से निकलने वाले मल से होने वाले क्षरण पर सलाना 30 करोड़ रुपए खर्च। अगले एक साल में 2,500 डब्बों में पर्यावरण अनुकूल शौचालय।
- विकलांग यात्रियों को ध्यान में रखते हुए 2,100 विशेष डब्बों का निर्माण पूरा। हर एक्सप्रेस रेलगाड़ी में एक ऐसे डब्बे लगाए जाने क लक्ष्य।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में 6,500 किलोमीटर मार्ग का विद्युतीकरण और इसके लिए 8000 करोड़ रुपए का आवंटन।
- मुम्बई उपनगरीय रेल प्रणाली के पश्चिमी रेल गलियारे में बिजली आपूर्ति का डीसी से एसी में परिवर्तन कार्य पूर्ण। केंद्रीय रेल गलियारे में परिवर्तन कार्य 2012-13 में पूरा होगा।
- मुम्बई में चर्चगेट से विरार तक ऊपरगामी मार्ग बनाया जाएगा।
- सरकार को रेलवे को लाभांश वापस देने पर विचार करना चाहिए।
- पांच हजार किलोमीटर से अधिक की 31 परियोजनाओं पर राज्य सरकारों के साथ काम जारी।
- वर्ष 2012-13 में 4,410 करोड़ रुपए जुटाने के लिए क्षमता विस्तार।
- वर्ष 2012-13 में 85 नई रेल मार्ग परियोजनाएं।
- वर्ष 2012-13 में 114 नए रेल मार्गों का सर्वेक्षण।
- नई रेल मार्ग परियोजनाओं को 2012-13 में 6,870 करोड़ रुपए मिलेंगे।
- आठ सौ किलोमीटर मार्ग पर गेज परिवर्तन और इस कार्य के लिए 1,950 करोड़ रुपए का आवंटन।
- अगले पांच सालों में पांच क्षेत्रों पर अधिक ध्यान। ये क्षेत्र हैं मार्ग, पुल, सिग्नल प्रणाली, रेलगाड़ियां और स्टेशन।
- उन्नीस हजार किलोमीटर मार्ग पर सिग्नल प्रणाली में सुधार।
- अगले पांच सालों में रेलगाड़ियों पर 1.7 लाख करोड़ रुपए का निवेश।
- रेलगाड़ी की गति बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे करने की कोशिश। दिल्ली से कोलकाता की यात्रा में लगने वाले समय को 17 घंटे से घटाकर 14 घंटे किया जा सकता है।
- रेलवे स्टेशनों में सुधार से 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की सम्भावना।
- वर्ष 2012-13 के लिए 60,100 करोड़ रुपए के खर्च का प्रावधान, जो अब तक का सर्वाधिक है।
- रेलवे को 10 सालों में आधुनिकीकरण के लिए 14 लाख करोड़ रुपए की जरूरत।
- संचालन अनुपात को 90 फीसदी से घटाकर 2012-13 में 84.9 फीसदी करने तथा 2016-17 तक 72 फीसदी पर लाने का लक्ष्य।
- रक्षा नीति और विदेश नीति की तरह राष्ट्रीय रेल नीति बनाने का समय आ चुका है।
- उच्च सकल घरेलू विकास दर बनाए रखने के लिए रेलवे को 10 फीसदी की वार्षिक दर से विकास करना चाहिए।
- रेलवे 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2012-17) में 7.35 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी। पिछली योजना अवधि में रेलवे ने 1.92 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया था।
- 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि में ढांचागत संरचना पर होने वाले अनुमानित 20 लाख करोड़ रुपए के खर्च का 10 फीसदी हिस्सा रेलवे को हासिल करना चाहिए।
- रेलवे को 12वीं योजना अवधि में 2.5 लाख करोड़ रुपए के कुल बजटीय सहायता की उम्मीद।
- आधुनिकीकरण के लिए धन जुटाने सम्बंधी तंत्र बनाने की सामूहिक चुनौती।
- रेलवे को सकल घरेलू उत्पादन में दो फीसदी योगदान करना चाहिए, जो अभी एक फीसदी है।
- सुरक्षा पर ध्यान। विश्व की सबसे सुरक्षित नेटवर्कों में शामिल करने का लक्ष्य।
- दुर्घटना को 0.55 से घटाकर 0.17 पर लाने का लक्ष्य हासिल।
- सुरक्षा मानकों के लिए एक विशेष संगठन की स्थापना।
- स्वायत्त रेलवे सुरक्षा प्राधिकरण की स्थापना।
- आधुनिकीकरण के लिए 5.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत।

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