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बादल ने ली शपथ, समारोह में शरद व पटेल भी

बादल ने ली शपथ, समारोह में शरद व पटेल भी

प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब की राजनीति में नया इतिहास रचते हुए राज्य के पांचवीं बार और लगातार दूसरी बार बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथग्रहण की।

मुगलों को पराजित करने वाले सिख योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर के यहां स्थित शहीद स्मारक स्थल पर उमडे़ विशाल जन सैलाब के बीच आयोजित भव्य शपथग्रहण समारोह में राज्यपाल शिवराज पाटिल ने 85 वर्षीय बादल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। बादल ने पंजाबी में शपथ ग्रहण की। वह राज्य के पांचवीं बार तथा शिरोमणि अकाली दल (शिअद), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन सरकार के लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं। उन्हें इसके साथ ही देश के किसी राज्य के सबसे बुजुर्ग मुख्यमंत्री बनने का भी रूतबा मिला है।

बादल के अलावा उनके पुत्र सुखबीर सिंह बादल ने राज्य के उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। उन्होंने भी पंजाबी में शपथ ग्रहण की। वह गठबंधन सरकार में दूसरी बार इस पद पर बैठेंगे। प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली शिअद, भाजपा गठबंधन सरकार के कुल 18 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री की शपथ ग्रहण की।

इस मौके पर शिअद कोटे से 12 विधायकों में सर्वश्री सरवन सिंह फिल्लौर, अदेश प्रताप सिंह कैरों, अजित सिंह कोहाड, गुलजार सिंह राणिके, परमिंदर सिंह ढींडसा, जनमेजा सिंह सेखों, तोता सिंह,बिक्रज सिंह मजीठिया, सिकंदर सिंह मलूका, सुरजीत सिंह राखडा, शरणजीत सिंह ढिल्लों और बीबी जागीर कौर कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

इनमें कैरों, कोहाड, राणिके, ढींडसा और सेखों पिछली गठबंधन सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थे। कैरों खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, कोहाड राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री, राणिके पशु पालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन मंत्री और सेखों सिंचाई मंत्री थे।

भाजपा कोटे से पार्टी विधायक दल के नेता भगत चुन्नी लाल के अलावा पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल, सुरजीत सिंह जियाणी और अनिल जोशी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। पिछली गठबंधन सरकार में सर्वश्री चुन्नी लाल विधानसभा उपाध्यक्ष .जियाणी परिवहन मंत्री और जोशी मुख्य संसदीय सचिव थे। बादल सरकार में ढिल्लों, राखडा और जोशी पहली बार मंत्री बने हैं।

शामिल किए गए अन्य कैबिनेट मंत्रियों में बीबी जागीर कौर, तोता सिंह, मलूका और फिल्लौर 1997-2002 की बादल सरकार में मंत्री रहे चुके हैं। सभी मंत्रियों को आज शाम तक विभाग आवंटित किए जाने की सम्भावना है।

शपथग्रहण समारोह में केंद्र और अनेक राज्यों की राजनीतिक और अतिविशिष्ट हस्तियां मौजूद थीं। इनमें केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल, जनता दल (यूनाईटेड) के अध्यक्ष शरद यादव भी शामिल थे।

भाजपा राजनीतिक हस्तियों में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, पूर्व भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, पंजाब प्रदेश भाजपा प्रभारी और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, भाजपा महासचिव और पंजाब प्रदेश चुनाव प्रभारी जगत प्रकाश नढडा और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, सांसद नवजोत सिंह सिद्धू, सांसद एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, भाजपा वरिष्ठ नेता विजय गोयल भी समारोह में शामिल हुए।

समारोह में लोकसभा में विपक्ष की नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली को भी समारोह में आना था लेकिन लोकसभा में रेल बजट पेश किए जाने के मद्देनर वे यहां नहीं आ सके।

बादल ने राज्य में अपने धुर विरोधी पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पिछली विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता रजिंदर कौर भट्टल को भी शपथग्रहण समारोह का निमंत्रण भेजा था लेकिन यह दोनों इस मौके पर नदारद रहे।

शपथग्रहण समारोह के लिए कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। इनमें मुख्य स्टे और इसके आसपास अतिविशिष्ट व्यक्तियों वीवीआईपी की सुरक्षा जिम्मा राज्य पुलिस की एलीट फोर्स स्पेशल वैपन एंड टैक्टिसस्वैट दल के 40 जवानों के हाथ में था। इनके अलावा सुरक्षा एवं यातायात सम्बंधी इंतामों के लिए राज्य पुलिस, इंडियन रिजर्व
बटालियन और पंजाब सशस्त्र पुलिस के कमांडो सहित 1500 पुलिस कर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए थे।

समारोह के दौरान भीड़ में हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरे और पुलिस के जवान दूरबीन से नजर रखे हुए थे। समारोह स्थल तक पहुंचने के लिए यातायात पुलिस ने विभिन्न रूट निर्धारित किए थे। वाहनों के लिए लगभग आधा किलोमीटर पहले ही अलग अलग दिशाओं में पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। केवल अति विशिष्ट व्यक्तियों के ही वाहन समारोह स्थल तक पहुंचे। वीवीआईपी के समारोह में शामिल होने के मद्देनर शपथग्रहण स्थल के नदीक ही पांच अस्थाई हैलीपैड बनाए गए थे।

सुरक्षा की दृष्टि से समारोह स्थल पर वीवीआईपी, सांसदों एवं विधायकों, राजनीतिक दलों के नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों, कार्यकर्ताओं, मीडिया और आम जनता के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए थे। प्रमुख लोगों और उनके परिजनों को समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण कार्ड के अलावा विशेष पास जारी किए गए थे

सुरक्षा व्यवस्था के अलावा समारोह स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की वीवीआईपी के लिए सभी आवश्यक उपकरणों एवं साजोसामान से लैस लगभग 24 एम्बुलैंस और मोबाईल मैडिकल वैन वरिष्ठ डांक्टरों, सर्जनों तथा अन्य स्टाफ के साथ तैनात थीं। इसके अलावा मोबाईल और स्थिर डिस्पेंसरियां भी बनाई गई थीं।

बाबा बंदा सिंह बहादुर शहीद स्मारक स्थल पर होने वाले इस समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रशासन के अधिकारियों ने कोई कसर बाकी नहीं रखी थी। इस स्मारक का निर्माण अकाली, भाजपा गठबंधन ने अपने पिछले कार्यकाल में किया था।

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