अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नहीं मिलता है स्कूल में गुणवत्तायुक्त भोजन

अनुसूचित जनजातीय उवि, बारीडीह में घटना के तीसरे दिन छात्रों का घर लौटने का क्रम जारी रहा। कल्याण विभाग के उपनिदेशक और सूचना तंत्र प्रबंधन पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने विद्यालय की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल और छात्रावास के सभी कमरों, रसोई घर का निरीक्षण किया। छात्रों ने उन्हें जानकारी दी कि स्कूल में पठन-पाठन का संचालन सही ढंग से नहीं होता है और न ही उन्हें गुणवत्तायुक्त भोजन मिलता है। छात्रों ने कहा कि प्रधानाध्यापक क्लेमेंट तिग्गा शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं करते। छात्रों ने बताया कि बारीडीह के कुछ ग्रामीणों ने उनके साथ गाली-गलौज की और निराधार आरोप लगाये। उपनिदेशक आरके रंजन और प्रवीण कुमार ने पत्रकारों को बताया कि स्कूल की कुव्यवस्था और घटना के लिए प्रधानाचार्य जिम्मेवार हैं। वहीं 10वीं कक्षा के छात्रों के अनुरोध पर 25 बच्चों को स्कूल छात्रावास में ठहरने की अनुमति दे दी गयी है। छात्रों का अनुरोध है कि 24 नवंबर से मैट्रिक की होनेवाली टेस्ट परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें छात्रावास में रहने दिया जाये।ड्ढr आज होगी अस्पताल से छुट्टीड्ढr विषाक्त दूध पीने से बीमार बच्चों की स्थिति में सुधार है। इन बच्चों को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी जायेगी। अपोलो अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ पीडी सिन्हा ने बताया कि सभी बच्चे खतर से बाहर हैं। वे लोग कुछ जांच करा रहे हैं। इसके बाद बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया जायेगा। यहां 10 बच्चे भरती हैं। रिम्स में इलाजरत बच्चों के संबंध में विभागाध्यक्ष डॉ एके शर्मा ने कहा कि बच्चे अब ठीक हैं और बेहतर महसूस कर रहे हैं। डॉ पीडी सिन्हा ने बताया कि अभी भी कई बच्चे दहशत में है। नाम पूछने पर सहम कर जवाब देते हैं। डॉ सिन्हा ने बताया कि बच्चों ने अपने साथियों को तड़पते देखा है। इसका मानसिक असर हुआ है। हालांकि वे धीरे-धीर इससे उबर रहे हैं। कई बच्चों ने मांग कर खाना खाया। एक बच्चे ने तो खेलने की इच्छा जाहिर की। यह संतोषजनक है। रिम्स में भरती बच्चों की भी स्थिति बेहतर है। कई बच्चों को शनिवार को ही छुट्टी दी जा रही थी। हालांकि बाद में एहतियात के तौर पर एक दिन और रखने का निर्णय लिया गया। अपोलो में भरती बच्चों से मिले मरांडीड्ढr पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को अपोलो में भरती वषाक्त दूध पीकर बीमार बेड़ो स्कूल के बच्चों से मिले। उन्होंने बच्चों से उनका हालचाल पूछा। मरांडी लगभग पैंतालिस मिनट तक अस्पताल में रूके। सबसे पहले वह आइसीयू में भरती सागू उरांव को देखा। उसके बाद वह एचडीयू में अन्य नौ छात्रों से मिले। मरांडी ने अस्पताल के निदेशक मो. सईद अंसारी और अस्पताल अधीक्षक डा. पीडी सिन्हा से मिले तथा बच्चों को अच्छी से अच्छी चिकित्सा सुविधा दी जाये। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मरांडी ने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करायी जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ित को नहीं छोड़ा जाना चाहिए। लौटने के क्रम में मरांडी ने सभी बीमार छात्रों के अभिभावकों से भी मिले और उन्हें बताया कि बच्चे तेजी से ठीक हो रहे हैं। मरांडी के साथ विनोद शर्मा, रवींद्र भगत, सीताराम पाठक समेत कई लोग थे। सोमवार को छुट्टी दे दी जायेगी : हमार ओरमांझी संवाददाता के मुताबिक अस्पताल में भरती सभी छात्र धीर-धीर स्वस्थ्य हो रहे हैं। शनिवार को उन्हें हल्का भोजन दिया गया। आइसीयू में भरती सागू उरांव भी बेहतर स्थिति में है। वह होश में आ गया है और बातचीत कर रहा है। अस्पताल के निदेशक ने बताया कि सभी बच्चे अब ठीक हैं। उनकी तबीयत ठीक रही तो सोमवार को सबको अस्पताल से छुट्टी दे दी जायेगी। मंगल उरांव, अभय कच्छप, छनेश्वर उरांव, रमण बेदिया, रोहित उरांव, सुखदेव उरांव, मनोहर भगत तथा दशरथ लकड़ा अस्पताल में इलाजरत हैं। सिर्फ आइसीयू में भरती सागू उरांव को अगले कुछ दिन तक अस्पताल में रखा जायेगा। स्कूल हॉस्टल के दो कुक हिरासत मेंड्ढr रांची। बेड़ो पुलिस ने आदिवासी आवासीय विद्यालय के हॉस्टल के दो कुक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने दूध सप्लाई करने वाली एक महिला को भी हिरासत में ली है। इन तीनों से पूछताछ जारी है। हिरासत में लिये गये दोनों कुक इस मामले के नामजद अभियुक्त भी हैं। पूछताछ के दौरान तीनों ने अपने को निर्दोष बताया है। उधर विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) को उपलब्ध कराये गये जब्त पदार्थो की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसका खुलासा हो पायेगा कि विद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले छात्र बीमार कैसे हो गये और पांच की मौत कैसे हुई। दूध में क्या मिला हुआ था। दूध से नहीं, चाय में कीटनाशक डालने से बीमार हुए थे लोगड्ढr बेड़ो थाना क्षेत्र के मुरतो गांव में दूध पीने से नहीं बल्कि चाय में मकई पर डाली जानेवाली कीटनाशक दवा फॉरट डाल दिये जाने से एक ही परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से बीमार हुए थे। इसका खुलासा बेड़ो के थाना प्रभारी शिवचंद्र प्रसाद ने किया। उन्होंने बताया कि घर में बचे दूध को सोमरा उरांव की पत्नी कालो देवी ने चाय बनाने के लिए प्रयोग में लाया, लेकिन चायपत्ती की जगह उसने मकई की फसल के लिए कीटनाशक के रूप में प्रयोग होनेवाले फॉरट नामक कीटनाशक दवा चाय में डाल दी। इससे चाय विषाक्त हो गयी। इसके बाद लोगों ने अनजाने में उसे पी लिया, जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गयी। बाद में भोला उरांव अपनी मां कालो देवी, भाई रवि कच्छप तथा भाज दामोदरी उर्फ दामिनी को बेड़ो में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीरावस्था में रिम्स ले गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। थाना प्रभारी शिवचंद्र प्रसाद सिंह ने शनिवार को भोला उरांव के घर जाकर चाय में प्रयोग किये गये कीटनाशक दवा का रैपर और चाय का बर्तन जब्त कर लिया। इधर, थाना प्रभारी ने आमलोगों से उबाल कर दूध पीने की अपील की है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नहीं मिलता है स्कूल में गुणवत्तायुक्त भोजन