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भारत की एशिया कप में शानदार शुरुआत

भारत की एशिया कप में शानदार शुरुआत

ओपनर गौतम गंभीर और उप कप्तान विराट कोहली के शतकीय प्रहारों से विशाल स्कोर खड़ा करने वाले भारत ने इसके बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से मंगलवार को श्रीलंका को 50 रन से हराकर एशिया कप टूर्नामेंट में अपने अभियान का शानदार आगाज किया।

गंभीर ने 118 गेंद पर 100 रन जबकि कोहली ने 120 गेंद पर 108 रन की पारी खेली और इस बीच दूसरे विकेट के लिए 205 रन जोड़े। इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (नाबाद 46) और सुरेश रैना (नाबाद 30) ने बखूबी जिम्मेदारी संभाली। भारत अंतिम पांच ओवर में 63 रन बनाने में सफल रहा और जिससे स्कोर तीन विकेट पर 304 रन पर पहुंचा।

श्रीलंका ने दो अनुभवी बल्लेबाजों कप्तान महेला जयवर्धने (78) और कुमार संगकारा (65) के अर्धशतकों से कड़ा जवाब देने की कोशिश की लेकिन बल्लेबाजी पावरप्ले में चार विकेट गंवाने से उसकी उम्मीदों को करारा झटका लगा और आखिर में उसकी टीम 45.1 ओवर में 254 रन पर सिमट गई।

बल्लेबाजी में यदि गंभीर और कोहली ने जलवा दिखाया तो गेंदबाजी में इरफान पठान, आर विनयकुमार और आर अश्विन ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी को ढेर करने में अहम भूमिका निभाई। इरफान 32 रन देकर चार विकेट लेने में सफल रहे जबकि अश्विन ने 39 रन और विनय कुमार ने 55 रन देकर तीन-तीन विकेट लिए।

टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे भारत ने बेहद सतर्क शुरुआत करके पहले दस ओवर में 43 रन बनाए। इस बीच उसने सचिन तेंदुलकर का विकेट भी गंवाया जिनके 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक का इंतजार 33वीं पारी तक खिंच गया।

तेंदुलकर ने दसवीं गेंद का सामना करते हुए चौका जड़कर खाता खोला लेकिन लसिथ मालिंगा की जगह अंतिम एकादश में लिए गए सुरंगा लखमल की फुलटॉस पर उन्होंने शॉर्ट एक्स्ट्रा कवर पर खड़े जयवर्धने को कैच थमा दिया। तेंदुलकर तब खुश नहीं थे लेकिन तीसरे अंपायर ने भी फुलटास और कैच दोनों को वैध करार दिया।

गंभीर और कोहली भी खुलकर नहीं खेल पाए लेकिन उन्होंने एक दो रन लेकर स्कोर बोर्ड चलायमान रखा। आउटफील्ड तेज थी लेकिन गेंद कम अवसरों पर ही सीमा रेखा के दर्शन कर पाई। यहां तक कि गेंदबाजी पावरप्ले में भी एक चौका लगा। गंभीर जब 36 रन पर थे तब सीकुगे प्रसन्ना की गेंद पर दिनेश चंदीमल ने उनका कैच छोड़ा।

बल्लेबाजी पावरप्ले 36वें ओवर से लिया गया और इन पांच ओवरों में 34 रन बने और सिर्फ एक चौका लगा। तब तक गंभीर और कोहली दोनों ही शतक के करीब पहुंच गए थे।

कोहली ने हालांकि शतक पहले पूरा किया। उन्होंने कुलशेखरा की गेंद आफ साइड पर एक रन के लिए खेलकर दसवां शतक पूरा किया। वह सबसे कम 83 मैच में वनडे में दस शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बने। गंभीर ने भी इसी ओवर में स्क्वायर लेग पर एक रन लिया और उन्होंने भी दसवां शतक पूरा किया। यह गंभीर का दिसंबर 2010 और 54 अंतरराष्ट्रीय पारियों के बाद पहला शतक है।

तिहरे अंक में पहुंचने के बाद ये दोनों बल्लेबाज हालांकि ज्यादा देर तक नहीं टिक पाये और महरूफ ने अपने एक ओवर में उन्हें पवेलियन की राह दिखा दी। गंभीर पहले आउट हुए। उन्होंने गेंद लांग आन पर हवा में उछाली और इस बार उपुल तरंगा ने उसे कैच में तब्दील कर दिया।

इसके एक गेंद बाद कोहली ने भी फुलटॉस को कवर के उपर से लहराने के प्रयास में लाहिरू तिरिमाने को कैच थमा दिया। इन दोनों ने सात-सात चौके लगाए। कोहली ने अपनी पारी के दौरान श्रीलंका के खिलाफ 1000 रन भी पूरे किए।
 
नए बल्लेबाज धौनी ने महरूफ की गेंद पर मिडविकेट पर पारी का पहला छक्का जमाया और फिर कुलशेखरा के एक ओवर में तीन चौके लगाए। इस बीच रैना ने लखमल को निशाने पर रखा। उन्होंने कुलशेखरा की पारी की अंतिम गेंद छक्का भी लगाया। श्रीलंका की तरफ से महरूफ ने 57 रन देकर दो विकेट लिए।

श्रीलंका की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। इरफान ने पांचवें ओवर में ही खतरनाक तिलकरत्ने दिलशान (7) को आउट करके भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। जयवर्धने ने हालांकि दूसरे छोर से तेजी से रन बटोरने जारी रखे। उन्होंने प्रवीण कुमार पर लगातार छक्का और चौका लगाया। इसके बाद संगकारा ने भी रविंदर जडेजा की गेंद छह रन के लिए भेजी।

श्रीलंका की सबसे अनुभवी जोड़ी जब दूसरे विकेट के लिए 93 रन जोड़कर खतरनाक दिख रही थी तब पठान ने अपनी बाहर जाती गेंद पर जयवर्धने को विकेटकीपर धोनी को कैच देने के लिए मजबूर किया। उन्होंने अपनी पारी में 59 गेंद खेली तथा दस चौके और दो छक्के लगाए।

अश्विन ने नए बल्लेबाज दिनेश चंदीमल (13) को बोल्ड करके श्रीलंका को बैकफुट पर भेजा। श्रीलंका के लिए बल्लेबाजी पावरप्ले घातक साबित हुआ और उसने 22 गेंद के अंदर चार महत्वपूर्ण विकेट गंवाए। अश्विन ने पावरप्ले के पहले ओवर में ही दोनों जमे हुए बल्लेबाज संगकारा और लाहिरू तिरिमाने (29) को पवेलियन की राह दिखाई। संगकारा का स्वीप शाट डीप मिडविकेट पर कैच में तब्दील हुआ। उनकी 87 गेंद की पारी में दो चौके और एक छक्का शामिल है।

इसके बाद आर विनयकुमार की बारी थी जिन्होंने नुवान कुलशेखरा और चमारा कापुगेदारा को लगातार पर आउट करके भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया जबकि पठान ने उपुल तरंगा की गिल्लियां बिखेरकर टीम की जीत सुनिश्चित की।

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