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मानव संसाधन का विकास करे बैंक: मुखर्जी

मानव संसाधन का विकास करे बैंक: मुखर्जी

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रासंगिक बने रहने के लिए कर्मचारियों के कौशल विकास और ग्राहक सुविधा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में यहां मुखर्जी ने कहा कि बेहतर ग्राहक सेवा बैंकिंग सेवा के केंद्र में है। बैंकिंग एक ग्राहक आधारित व्यवसाय है और ग्राहकों की बेहतर सेवा बैंकों के विकास के लिए जरूरी तत्व है।

भारत में बैंकिंग कारोबार में अभी भी सरकारी बैंकों का दबदबा है, लेकिन 1991 में जहां 90 फीसदी बैंकिंग सम्पदा सार्वजनिक बैंकों की थी, वहीं दक्ष निजी बैंकों के कारण इसमें काफी गिरावट आई है।

मुखर्जी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से ने 1970 के दशक से नौकरी शुरू की थी, जो अब सेवानिवृत्ति के कगार पर है। एक अनुमान के मुताबिक अगले कुछ सालों में 80 फीसदी महाप्रबंधक, 65 फीसदी उप महाप्रबंधक, 58 फीसदी सहायक महाप्रबंधक और 44 फीसदी मुख्य प्रबंधक सेवानिवृत्त होंगे।

उन्होंने कहा कि पारम्परिक बैंकिंग कौशल वाले कर्मचारियों की जगह विशेषज्ञ वित्तीय सेवा वाले कर्मचारियों की नियुक्ति एक चुनौती के साथ-साथ एक अवसर भी है।

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