DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झुकी सरकार, जाटों का आंदोलन वापस

झुकी सरकार, जाटों का आंदोलन वापस

आरक्षण को लेकर सड़कों पर उतरे जाटों को मनाने के लिए हरियाणा सरकार ने कई फैसले लिए हैं। इसके बाद शनिवार देर रात जाटों ने रविवार को अपना बंद वापस लेने की घोषणा की।

हरियाणा सरकार ने देर रात फैसला किया कि उन सभी जाट नेताओं को रिहा कर दिया जाएगा, जिन्हें जेल भेज दिया गया था। इसके साथ ही पुलिस फायरिंग में मारे गए युवक की अंत्येष्टि भी रविवार को करने का निर्णय किया गया है। आरक्षण को लेकर जाट आंदोलन पूरे हरियाणा में मुखर होने लगा था। माना जाता है कि सरकार ने इसी दबाव में फैसले लिए हैं।

इससे पहले प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में भी जाट सड़कों पर उतर आए थे। नरवाना, जींद, कुरुक्षेत्र और फतेहाबाद में प्रदर्शन हुए। सरकार ने आंदोलनकारियों को मनाने के लिए खाप पंचायतों को आगे किया। लेकिन मांग को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं थे। उन्होंने नेताओं की रिहाई तक बातचीत से भी इनकार कर दिया था।

मांगों को लेकर बातचीत में कोई हल नहीं निकलता देख हिसार में जाटों ने हिसार-दिल्ली, हिसार-चंडीगढ़, हिसार-राजगढ़, हिसार-भादरा, बरवाला सहित कई रास्ते रोक दिए। इसके अलावा, आंदोलनकारियों द्वारा रेल यातायात बाधित करने से हिसार अन्य इलाकों से पूरी तरह कट गया और लोगों को भारी परेशानी होने लगी।
उधर, पुलिस द्वारा गिरफ्तार नेताओं पर राजद्रोह का केस दर्ज होने के बाद उनकी रिहाई और मुश्किल लगने लगी। आंदोलनकारियों का आरोप था कि सरकार मामले को सुलझाने की बजाय और ज्यादा भड़काने में लगी है।

पेट्रोल की किल्लत
रेल यातायात ठप होने और सड़क संपर्क टूटने से हिसार में पेट्रोल की किल्लत होने लगी थी। इसका असर गैस और बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थो पर भी पड़ने लगा था। लिहाजा प्रशासन को पेट्रोल पंप व गैस एजेंसियों के मालिकों को मौखिक आदेश देना पड़ा कि वे आपातकालीन कोटा बचा कर रखें ताकि जरूरत पड़ने पर काम आ सके। भारत गैस एजेंसी के मालिक गुंजन चावला ने कहा कि चार दिनों से गैस की सप्लाई रुकने से स्टॉक खत्म होने को है।

हिसार-लुधियाना रूट चालू
उधर, हिसार-लुधियाना रेल मार्ग शनिवार को चालू रहा, जिससे यात्राियों ने राहत की सांस ली। हालांकि गाजूवाला में आंदोलनकारियों ने रेलमार्ग बाधित करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस व सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण वे सफल नहीं हुए। वहीं, फतेहाबाद के भूना रोड पर आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प होने की भी खबर है।

नहीं हुआ संदीप का अंतिम संस्कार
सुरक्षा बल और आंदोलनकारियों के बीच चार दिन पहले झड़प में मारे गए संदीप का शव लोगों ने माइयड़ गांव के पास रेलवे लाइन पर ही रखा हुआ था। वहीं, हिसार कैंट के पास पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। आंदोलनकारियों ने नेताओं की रिहाई तक संदीप के अंतिम संस्कार नहीं करने की घोषणा की थी।

जींद में चार दिनों से बस सेवा बंद
हिसार के मय्यड़ तथा फतेहाबाद में उग्र हुए जाट आंदोलन का असर अब जींद पर भी पड़ा। यहां चार दिनों से बस सेवा ठप होने से राज्य परिवहन को रोजाना 12 लाख का नुकसान हो रहा है। जींद रोडवेज डिपो के महाप्रबंधक लाजपत राय ने कहा कि अब तक 36 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हरियाणा पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष आजाद सिंह ढांडा ने कहा कि फिलहाल जिले में पेट्रोल तथा डीजल की आपूर्ति असौदा तथा पानीपत रूटों से सप्लाई किया जा रहा है। यदि इन रूटों पर भी आंदोलनकारियों ने जाम लगा दिए तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त
राजकीय रेलवे थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने कहा कि जाट आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के सभी बंदोबस्त किए गए थे। स्टेशन तथा प्लेटफॉर्म पर रेलवे पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:झुकी सरकार, जाटों का आंदोलन वापस