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संकट की जड़ तक पहुंचे जी-20

दुनियाभर के उद्योगपतियों ने जी-20 के नेताओं से अपील की है कि उन्हें वित्तीय संकट की जड़ तक पहुंचकर इसके खात्मे के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोंनों स्तर पर नियमन और संस्थागत प्रणाली विकसित करनी चाहिए। अमेरिका, यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और भारत सहित जी-20 देशों के उद्यमियों ने एक साझा बयान जारी कर इन राष्ट्रों के प्रमुखों के समक्ष वर्तमान वित्तीय संकट और उससे निजात पाने के लिए पांच सूत्रीय एजेंडा पेश किया है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि दुनियाभर के व्यवसाइयों के बीच वर्तमान आर्थिक संकट का निदान ढूंढ़ने की दिशा में यह पहला बड़ा सम्मिलित प्रयास है। सभी देशों में उद्योग सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। उद्योग चाहते हैं कि सरकारें प्रशिक्षण और उत्पादक क्षमता बढ़ाने के नए उपाय कर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाएं। इस वक्तव्य में सरकार और उद्योगों के बीच बेहतर भागीदारी पर जोर देते हुए वर्तमान वित्तीय संकट से निपटने के पांच उपाय बताए गए हैं। इसमें कहा गया है कि वॉशिंगटन डीसी में होने वाली जी-20 समूह की शिखर बैठक आर्थिक जगत में विश्वास और आर्थिक स्थायित्व पैदा करने के लिए एक एतिहासिक मौका है। पांच सूत्री एजेंडे में कहा गया है कि जी-20 को वर्तमान वित्तीय संकट की जड़ तक पहुंचना चाहिए। इस संकट की पहचान कर एक ऐसी प्रणाली और नियमन शतेर्ं विकसित करनी चाहिए ताकि भविष्य में इससे बचा जा सके। यह काम अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। इस संबंध में उन्होंने वित्तीय स्थायित्व मंच और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का नाम लिया है। सभी देशों को आपसी सहयोग और समन्वय के साथ समस्या का निदान करने में लग जाना चाहिए। सभी देशों को पक्का इरादा कर इस काम में हर संभव मदद करनी चाहिए। उनकेमुताबिक वित्तीय संकट से निपटने के लिए मौद्रिक और वित्तीय स्तर पर मिलेजुले उपाय करने होंगे। एजेंडे में एक बार फिर विश्व व्यापार संगठन की दोहा वार्ताओं को सफल बनाने पर जोर देते हुए कहा गया है कि देशों को निवेश और व्यापार के रास्ते में नए प्रतिबंध खड़े करने से बचना चाहिए।

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  • Web Title: संकट की जड़ तक पहुंचे जी-20