DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

विश्व क्रिकेट के महानतम और भारतीय क्रिकेट के सर्वकालिक महानतम खिलाड़ियों में से एक राहुल द्रविड़ ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। द्रविड़ ने कहा कि संन्यास की घोषणा करते हुए वह निराश लेकिन गौरवान्वित हैं।

चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन और अपने पूर्व साथी तथा भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अनिल कुम्बले की मौजूदगी में पत्रकारों से मुखातिब द्रविड़ ने कहा कि उनके लिए आज अपने 16 साल के क्रिकेट करियर को विराम देने का वक्त आ गया है।

भारतीय क्रिकेट को बतौर कप्तान, बल्लेबाज और विकेटकीपर के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके द्रविड़ ने कहा कि मैं अंतर्राष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं। आज से 16 साल पहले मैंने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था और आज मुझे लगता है कि मेरे जाने का वक्त आ गया है।

एक समय ऐसा था जब मैं करोड़ों युवाओं की तरह देश के लिए खेलने का सपना देखा करता था। उस समय मुझे पता नहीं था कि मेरा क्रिकेट करियर इतना लम्बा और संतोषप्रद होगा। इस अवसर पर मैं कई लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं।

उन्होंने कहा कि कोई भी सपना अकेले पूरा नहीं होता। जहां तक मेरी बात है तो मैं इसके लिए अपने प्रशिक्षकों का धन्यवाद करना चाहता हूं क्योंकि उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे इस काबिल बनाया। मैं जूनियर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सभी कोचों का धन्यवाद करना चाहता हूं।

द्रविड़ बोले, ''इस काम में फिजियो और ट्रेनरों ने काफी मेहनत की। मैं उन चयनकर्ताओं का भी धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। साथ ही साथ मैं उन सभी कप्तानों का भी धन्यवाद करना चाहता हूं, जिनके नेतृत्व में मैं खेला।''

''जहां तक भारतीय टीम की बात है तो मैं उन टीमों का हिस्सा रहा, जिसने देश और विदेश में शानदार खेल दिखाया। मेरे कई साथी महान बन गए। देश ही नहीं बल्कि विदेशों में उनकी बड़ी कद्र होती है। मैंने सबसे कुछ न कुछ सीखा है। मैं इस खेल की हसीन यादें अपने साथ लेकर आगे की जिंदगी जीना चाहता हूं। यह मेरे लिए अमूल्य तोहफा है।''

द्रविड़ ने कहा कि मैं अंत में देश और विदेश में बसे भारतीय क्रिकेट के चाहने वालों का धन्यवाद करता हूं। आप जैसे प्रशंसकों को पाकर क्रिकेट धन्य हो गया है और आप सबके सामने खेलकर असीम सुख मिलता रहा है। देश के लिए खेलना आपके लिए खेलना है। यही कारण है कि मैंने आप सबकी खातिर हमेशा से इस खेल को बेहद गम्भीरता से लिया।

उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा अपनी प्रतिभा के साथ न्याय करने की कोशिश की। इस काम में कभी सफलता मिली तो कभी असफलता लेकिन मैंने हमेशा अपने स्तर और क्रिकेट की प्रतिष्ठा के साथ न्याय करने का प्रयास किया। मैं कई बार नाकाम हुआ लेकिन आप सबकी प्रार्थना के कारण कभी प्रयास बंद नहीं किया। मैं इस खेल से निराशा लेकिन गर्व के भाव के साथ विदा हो रहा हूं।

द्रविड़ के करियर पर एक नज़र

द्रविड़ ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान से की थी। पहले ही मैच में उन्होंने बेहतरीन 95 रन बनाए थे। टेस्ट क्रिकेट में तकनीक के मामले में उनकी पीढ़ि में कोई अन्य बल्लेबाज नहीं माना जाता। ऑस्ट्रेलिया में खेले गए टेस्ट सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 13288 रनों के साथ संन्यास की घोषणा की। सर्वाधिक टेस्ट रनों के मामले में फिलहाल वह मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे स्थान पर हैं।

द्रविड़ ने अपने शानदार करियर में 164 टेस्टों में 52.31 का औसत निकाला और 36 शतक तथा 63 अर्धशतक बनाए। इसके अलावा उन्होंने विश्व रिकॉर्ड 210 कैच भी लपके। एकदिवसीय में उन्होंने 344 मैच खेले जिनमें 12 शतक और 83 अर्धशतक शामिल है। एकदिवसीय में उन्होंने काफी समय विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभाली थी जिसकी बदौलत उन्होंने 114 कैच लपके और 14 बल्लेबाजों को स्टंप भी किया।

उन्होंने भारत की कप्तानी भी की। कप्तान के रूप में खेले गए 25 टेस्ट मैचों में उन्होंने आठ जीते और छह हारे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा