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यूपी कांग्रेस समिति की अध्यक्ष ने की इस्तीफे की पेशकश

उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के फीके प्रदर्शन के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की पेशकश की।

चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सोनिया से रीता की यह पहली मुलाकात थी। मुलाकात के बाद रीता ने कहा कि उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी ली और इस्तीफे की पेशकश की। उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला कांग्रेस अध्यक्ष करेंगी।

विधानसभा चुनावों में पार्टी की करारी हार के कारण पूछने पर रीता ने कहा कि इसके कई कारण हैं और पार्टी नेता एक साथ बैठकर इन पर चर्चा करेंगे। रीता ने कल कहा था कि हार के लिए पूरा पार्टी काडर सामूहिक रूप से जिम्मेदार है और वर्तमान हालात में किसी पर भी आरोप मढ़ना गलत है।

समझा जाता है कि जिस दिन परिणामों की घोषणा हुई उस दिन पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने इस्तीफे की पेशकश की थी। सिंह उत्तर प्रदेश में पार्टी मामलों के प्रभारी हैं। बहरहाल, इस मुद्दे पर बचते हुए उन्होंने कहा कि यह उनके और कांग्रेस अध्यक्ष के बीच की बात है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के फीके प्रदर्शन के लिए राहुल गांधी पहले ही जिम्मेदारी ले चुके हैं। हालांकि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने यह कह कर उन्हें नतीजों से अलग करने की कोशिश की कि राहुल ने एक लहर पैदा की तथा काडरों और स्थानीय नेताओं की जिम्मेदारी इस लहर को वोट में तब्दील करने की थी। राहुल गांधी के धुआंधार प्रचार के बावजूद कांग्रेस उत्तर प्रदेश में केवल 28 सीटें ही हासिल कर सकी।

गांधी परिवार का गढ़ माने जाने वाले अमेठी और रायबरेली के नतीजे खुद कांग्रेस के लिए चौंकाने वाले रहे क्योंकि यहां की दस विधानसभा सीटों में से कांग्रेस केवल दो सीटें ही जीत सकी। अमेठी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व राहुल गांधी और रायबरेली लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व सोनिया गांधी करती हैं।

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