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फिरौती देकर छुड़ाया चाहाचा,सभी सुरक्षित

समुद्री डाकुओं ने मालवाहकोहाा-एमटी ‘स्टाल्ट वेलोर’को दो माह बाद रविवार सुबह फिरौती लेकर छोड़ दिया। इसके 22 सदस्यीय नाविक दल में 18 भारतीय हैं।ोहाा को मुक्त करने के लिए डाकुओं को 25 लाख अमेरिकी डालर की धनराशि दी गई है। सोमालिया के समुद्री डाकुओं ने अदन की खाड़ी से 15 सितम्बर को इसोहाा को अगवा किया था। डाकुओं के कबे सेोहाा मुक्त होने और उसमें कैद नाविकों के सुृरक्षित होने की खबर मिलते ही नाविकों के परिवारों के चेहरे खुशी से खिल उठे। ‘स्टाल्ट वेलोर’ाहाा के कतान प्रभात गोयल की पत्नी सीमा गोयल तो अपनी खुशीोाहिर करते हुए कहती हैं-‘मेर पास शब्द नहीं हैं लेकिन यह मेरीोिंदगी का सबसे खुशी भरा दिन है।’ड्ढr उधर हांगकांग में मीडिया को एनयूएसआई (नेशनल यूनियन ऑफ सीफेयर्स ऑफ इंडिया ) के अध्यक्ष अब्दुल गनी ने बताया कि फिरौती की रकम देने के बाद रविवार कोोापानी टैंकर और भारतीय नाविक मुक्त किएोा चुके हैं। गनी न कहा कि नाविकों को कोई बड़ी चिकित्सकीय समस्या नहीं है। भारतीय नाविक मुंबई लौट रहे हैं।ड्ढr एनयूएसआई के प्रवक्ता सुनील नायर ने मीडिया को बताया कि अगवाोहाा को भारतीय समयानुसार सुबह आठ बो मुक्त कर दिया गया। नाविकों की रिहाई के लिए 60 लाख अमेरिकी डॉलर की फिरौती माँगी थी और बाद में राशि घटाकर 25 लाख डॉलर कर दी थी। हालाँकि इससे पूर्व फिरौती की रकम के बार में पूछेोाने पर नायर ने साफ इन्कार कर दिया था। अब्दुल गनी ने भी यहोरूर कहा कि इसमें फिरौती दी गई होगी पर कितनी इसका पता नहीं। 23818 टन वजनी तेल उत्पाद ले जा रहे जहाज की रिहाई के लिए बातचीत करने हांगकांग गए गनी ने नौसेना के प्रति भी धन्यवाद प्रकट किया। इस बीच केंद्रीय जहाजरानी मंत्री टीआर बालू न कहा कि उन्होंने रक्षा मंत्री एके एंटनी और विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से अपहृत जहाज से नाविकों की रिहाई के लिए मदद करन को कहा था।

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